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राजबाडा पर जमीन की ठेकेदारी प्रथा:निगम कमिश्नर से बोले व्यापारी; बस अब ऐसी स्थाई व्यवस्था बनाए रखना, हम भी सहयोग करेंगे

इंदौर2 महीने पहले
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निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल को धन - Money Bhaskar
निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल को धन

राजबाडा के आसपास की जमीन को रोजाना 400 से 1 हजार रु. तक किराए पर देने की ‘ठेकेदारी प्रथा’ के मामले में निगम द्वारा फुटकर विक्रेताओं से मुक्त करने के मामले में एक ओर जहां छोटे व्यवसायियों का कहना है कि हमें अबवहाथ में सामान लेकर बेचने की अनुमति दी गई है वहीं निगम ने अभी अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है। इस बीच व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शनिवार को निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल से भेंट की। व्यापारियों ने बिना किसी पर आरोप लगाए कहा कि मैडम, आपने पिछले दिनों राजबाडा की सड़कों को मुक्त कर जो व्यवस्था बनाई है, उसके लिए आभारी हैं। बस राजबाडा के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसी व्यवस्था स्थाई बनाकर रखें तो व्यापारियों के हित में होगा। हम भी हरसंभव सहयोग करेंगे।

दरअसल, 16 सितम्बर को पथ विक्रेता महासंघ के पदािधकारी व छोटे व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के इंदौर आगमन पर उन्हें बताया कि हमें बेदखल किया गया है, हमें वहीं फिर से जगह दी जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था। इसके पूर्व उसी दिन दोपहर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने इन लोगों को मिलने बुलाया था और तीन में निर्णय लेने की बात कही थी। इधर, छोटे व्यापारियों का कहना था कि हमें मौखिक अनुमति मिल गई है जिसमें वे हाथ में सामान लेकर राजबाडा क्षेत्र में घूम सकेंगे। इसके चलते फिर से इन छोटे व्यवसासियों का वहां मूवमेंट हो गया जबकि नगर निगम की रिमूवल गाडियां भी नहीं हैं।

इस तरह की स्थितियों के बीच बड़े व्यापारियों ने इस बार अपना तरीका बदला। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के सचिव महेश गौर के नेतृत्व में पदाधिकारी निगम कमिश्नर से मिले और अतिक्रमण से सड़क मुक्त करने के लिए उनका आभार माना। इसके साथ ही एक धन्यवाद पत्र भी उन्हें दिया। उधर, अब फुटकर व्यवसासियों को अटाला बाजार का विकल्प दिया तो वहां सालों पहले व्यवसाय करने वाले दुकानदारों ने आपत्ति ली कि जब इन्हें अनुमति दी जा रही है तो हमारी 28 दुकानों को क्यों हटाया गया, यह जगह हमें दी जाए। फिर शास्त्री ब्रिज के पास की रोड का विकल्प दिया गया लेकिन फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि ग्राहक राजबाडा और उसके आसपास खरीदी करने आते हैं। शास्त्री ब्रिज के पास बोगदे के पास वाली रोड पर ग्राहक नहीं आएंगे, हमें राजबाडा के आसपास ही जगह दी जाए। इसे लेकर मामला अभी अधर में है।

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