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कोरोना का पॉजिटिव असर:दो बार से 75% पर सिमटने वाला 12वीं का रिजल्ट इस बार 100 फीसदी तक पहुंचा

इंदौर3 महीने पहले
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  • एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी - मैथ्स, कॉमर्स और बायोलॉजी में छात्राएं तो आर्ट्स में छात्र रहे आगे

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा का परिणाम गुरुवार को जारी हुआ। कोरोना की वजह से रिजल्ट पॉजिटिव रहा। पिछली दो बार से 75 फीसदी पर सिमटने वाला परिणाम इस बार 100 फीसदी पर पहुंच गया। सभी को बेस्ट ऑफ फाइव के अंकों के आधार पर जनरल प्रमोशन दिया गया। इसके चलते मेरिट लिस्ट 12वीं में भी नहीं बन सकी। मैथ्स, कॉमर्स और बायोलॉजी में छात्राओं ने टॉप किया तो आर्ट्स में छात्रों ने सर्वाधिक अंक हासिल किए।
जो संतुष्ट नहीं, वे फिर से दे सकते हैं सभी पेपर
जो स्टूडेंट संतुष्ट नहीं, वह सितंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए 1 से 10 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। छात्र एक या फिर सभी विषय के पेपर दे सकते हैं।

टॉपर्स की कहानी-लॉकडाउन में पढ़ना बंद नहीं किया

मां, बहन और ताई की मौत का सदमा, शिक्षकों की समझाइश से पाया हौसला

99.4 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले विनीत पटेल ने पिछले साल पन्ना जिले में स्थित घर की छत पर कपड़े सुखाने के दौरान करंट लगने से मां और ताई दोनों को खो दिया था। पिछले साल ही बड़ी बहन की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इससे वह सदमे में आ गया था। शिक्षक बताते हैं कि वह इतना डर गया था कि सड़क पर भी अकेले आ-जा नहीं पाता था। उसकी काउंसलिंग की और हौसला बंधाया। विनीत ने कहा मां होती तो आज सबसे ज्यादा खुशी उन्हीं को होती।

पिता कॉन्ट्रेक्टर, बेटी लाई 99 प्रतिशत, बनना चाहती है इंजीनियर
99 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली महक कहती हैं लॉकडाउन में भी पढ़ाई बंद नहीं की। पिता कॉन्ट्रेक्टर हैं। ऐसे में उसे भी इंजीनियरिंग में रुचि है। अब वह जेईई की परीक्षा देगी। कोरोना संक्रमण के कारण 11वीं के बाद ही वह अपने घर चली गई थी। पूरे साल 12वीं की पढ़ाई घर से ही ऑनलाइन की और पहला स्थान प्राप्त किया।
माता-पिता ज्यादा नहीं पढ़ पाए तो उन्हें हिम्मत देने के लिए पढ़ी बेटी
बैतूल की सृष्टि गणेश ने 99 प्रतिशत अंक हासिल किए। पिता किसान हैं और ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए। पिता को कोरोना संक्रमण हो गया था तो परिवार के सभी लोग काफी डर गए थे। उन्हें घर में ही आइसोलेट किया था। दिन-रात उनकी देखभाल करते। ऐसे में पढ़ाई करने में लापरवाही होती तो बड़ी बहन और भाई दोनों समझाइश देते। आज सबसे ज्यादा खुशी माता-पिता को है।

एक्सपर्ट व्यू

प्रतिभावान छात्र अब अपनी आगे की पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगाएं

लोक शिक्षक संचालनालय के रिटायर्ड संयुक्त संचालक जेके शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते पूरे विश्व में लगभग डेढ़ साल से स्कूल बंद हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों व पालकों को भी इस रिजल्ट को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए। जो प्रतिभावान छात्र हैं, उनमें बिलकुल इस रिजल्ट से निराशा होगी, लेकिन इसके बाद बच्चों को आगे की कक्षा की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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