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बीपीओ कर्मी की हत्या का मामला:अफेयर का पता चलने पर आकाश ने पत्नी और प्रेमी को पहले भी समझाया था

इंदौरएक महीने पहले
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अंकित। - Money Bhaskar
अंकित।
  • कोरोना की दूसरी लहर में ज्यादा काम बताकर 15-15 दिन अस्पताल में रुकती थी एचआर हेड पत्नी, पति मिलने गया तो बाउंसरों ने पीटा, तब और बढ़ी शंका

बीपीओ कर्मी आकाश मेडकिया की हत्या में मास्टर माइंड निकली पत्नी को लेकर आकाश मेडकिया के पिता यशवंत व्यथित हैं। उन्होंने भास्कर को बताया कि हम लोग उज्जैन से इंदौर शिफ्ट हो गए थे। यहां कुछ दिन बाद बेटे और बहू की नौकरी लग गई। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बहू ने कहा कि अचानक उसका काम बढ़ गया है, इसलिए अब वह देवास में रहेगी। उसे अस्पताल ने क्वार्टर दिया है। 15 दिन में एक बार आएगी। हम भी मान गए कि बार-बार बस से आने में बीमार पड़ सकती है, लेकिन यह उसकी चाल थी।

मेरे बेटे आकाश को जब शंका हुई तो वह एक दिन अस्पताल मिलने गया तो उसे बाउंसरों ने अभद्रता करके भगा दिया। फिर उसने वर्तिका के मोबाइल से मनीष का नंबर निकाला। दोनों को समझाया कि ऐसा ना करें। वर्तिका मान गई तो आकाश ने भरोसा कर उसे दोबारा नौकरी पर जाने दिया, लेकिन बाद में फिर अफेयर का पता चला तो आकाश ने वर्तिका को समझाया। बताया कि मनीष भी शादीशुदा है, उसका 9 साल का बच्चा है। वह राजस्थान का रहने वाला है। लेकिन बहू नहीं मानी और उसने इतना बड़ा विश्वासघात कर दिया। देवास के अस्पताल में वर्तिका की बुआ अलका और उसका लड़का भी काम करते हैं। उन पर भी हत्याकांड में शामिल होने का शक है।

मायके वालों ने तलाक लेने का कहा, पर नहीं मानी

डीआईजी मनीष कपूरिया के अनुसार वर्तिका के मायके में पति-पत्नी में झगड़े की बात पता चली तो उन्होंने तलाक लेने की बात कही थी। तब वह बोली कि पति मेरा बहुत अच्छा है, मैं उसके साथ रहूंगी।

गुमराह करने के लिए मनीष 12 को राजस्थान चला गया

पुलिस को गुमराह करने के लिए मनीष अपनी मां को देखने के बहाने राजस्थान चला गया था। 15 अक्टूबर को लौटा और अंजान बना रहा। आरोपियों ने बताया कि मनीष की एक लाख रुपए सैलरी थी और पद भी बहुत बड़ा था।

मां की तबीयत खराब, फिर जांच जारी रखी

सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि रात 2 बजे तक एएसपी शशिकांत कनकने हमारी तफ्तीश में लगे थे। वे रोजाना माताजी का विशेष ध्यान रखते थे। हत्याकांड की वजह से वे मां से ज्यादा देर नहीं मिल पाए। अगले दिन उनकी मां की दुखद खबर आ गई। हत्याकांड के खुलासे में एसपी आशुतोष बागरी, सीएसपी निहित उपाध्याय, टीआई राजेंद्र सोनी, एसआई स्वराज डाबी आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही है।

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