पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57858.150.64 %
  • NIFTY17277.950.75 %
  • GOLD(MCX 10 GM)486870.08 %
  • SILVER(MCX 1 KG)63687-1.21 %

इंदौर का फर्जी पुलिस अफसर:कॉन्स्टेबल से ASI बना, इसके 6 महीने बाद ही SI की वर्दी सिला ली... और अब सीधे बनने वाला था कमिश्नर!

इंदौर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

इंदौर पुलिस की गिरफ्त में आया नकली पुलिसवाला बहुत जल्द कमिश्नर बनने वाला था। पुलिस पूछताछ में उसने कुछ ऐसा ही खुलासा किया है। उसने बताया कि वह कॉन्स्टेबल से ASI बना। इसके 6 महीने बाद ही उसने SI की वर्दी सिलवा ली। 6 महीने बाद कमिश्नर बनने की प्लानिंग थी। कमिश्नर क्या होता है? उसे पता तक नहीं है।

आरोपी को विजय नगर थाने की पुलिस ने उसी की मंगेतर की शिकायत के बाद पकड़ा है। उसने ASI बताकर युवती से सगाई की थी। वह शहर में मरीमाता के पास वर्दी की दुकान से वर्दियां सिलाता था। इतनी जल्द प्रमोशन पर दुकानवालों को भी आश्चर्य होता था, लेकिन जब भी वह वर्दी खरीदने जाता, अपना फर्जी आईकार्ड दिखा देता था।

शनिवार देर रात 2 घंटे तक SP आशुतोष बागरी और थाना प्रभारी तहजीब काजी नकली पुलिसवाले रवि सोलंकी उर्फ राजीवर से पूछताछ करते रहे। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने इंदौर में कई लोगों से काम करवाने के नाम पर रुपए ऐंठे हैं। वह जब भी किसी से रुपए लेने आता, तो अपने गांव सिमरोल से दोस्त की कार लेकर आता था। जब इस तरह की लेन-देन करता था, तभी वर्दी पहनता था। बाकी समय वह सादे कपड़ों में ही घूमता था।

जन्मदिन पर आया तो हुआ था शक।
जन्मदिन पर आया तो हुआ था शक।

शादी के लिए वर्दी वाला फोटो भेजा
शादी के लिए रवि ने परिवार को वर्दी वाला फोटो ही दिया था। यही फोटो लड़की और उसके घरवालों को दिखाकर परिवार ने उसकी सगाई तय कर दी। जब भी मंगेतर उससे मिलना चाहती या उससे बात करना चाहती, वह उसे दबिश का बहाना बनाकर टाल देता था। अपने गांव सिमरोल में भी वह वर्दी का रौब झाड़ता था। वहां के लोगों से भी रुपए लेने की जानकारी है।

सगाई के बाद ले चुका 8 लाख नगद
शीतल नगर में रहने वाली रवि की मंगेतर ने पुलिस को बताया कि 28 जून को दोनों की सगाई तय हुई थी। उसके परिवार ने रवि को 8 लाख कैश दिए थे। सगाई के कुछ दिन बाद राजवीर शीतल नगर आया और उसे गाड़ी दिलाने की बात कही।​​​​ शोरूम ले जाकर उसने उसके नाम पर एक्टिवा फाइनेंस करवा दी और खुद ले गया। बाद में एक्टिवा अपने पिता को दे दी।

जन्मदिन के दौरान हुआ वर्दी देखकर शक
मंगेतर ने पुलिस को बताया कि 13 मई 2021 को जब रवि उसके बर्थडे पर घर आया, तब शक हुआ। वह अपने को रवि सोलंकी बता रहा था, जबकि वर्दी पर RS सोलंकी लिखा था। आई कार्ड भी अलग था। जब उससे परिवारवालों ने पूछा तो उसका कहना था कि वह सेंट्रल गवर्नमेंट में काम करता है। सेंट्रल गवर्नमेंट ने उसे इस स्टेट (मध्य प्रदेश) में अपॉइंट किया है। बाद में उसने SI की यूनिफॉर्म में फोटो भेजी तो शक और गहरा गया। उसके छोटे भाई, जो चंडीगढ़ की IT कंपनी में इंजीनियर है, ने SP ऑफिस जाकर पता लगाया तो सच सामने आ गया।

ये भी पढ़ें

इंदौर में नकली पुलिसवाला:ASI बता सगाई कर ली, कुछ दिन बाद मंगेतर से कहा- SI बन गया हूं