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डेंगू पर आखिर कैसे करें प्रहार?:मेट्रो पॉलिस, अभिनंदन अपार्टमेंट, एचएन-15 जैसी आधी अधूरी जानकारी से नहीं मिल पा रहे मरीजों के पते, छिड़काव करने वाली टीमें परेशान

इंदौरएक महीने पहले
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सही नाम-पते की जानकारी लेती टीम। - Money Bhaskar
सही नाम-पते की जानकारी लेती टीम।

प्रदेश में एक ओर डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ‘डेंगू पर प्रहार अभियान’ शुरू किया है, दूसरी ओर शहर में इन दिनों नगर निगम व मलेरिया विभाग की छिड़काव टीमें इसलिए परेशान हैं कि उन्हें जिन डेंगू मरीजों की सूची मिल रही है उनमें कई लोगों के पते ही आधे-अधूरे व अटपटे हैं। सूची में संबंधितों के मोबाइल नंबर भी नहीं हैं। ऐसे में उनका पते ही नहीं मिल पा रहे हैं जिससे वहां छिड़काव नहीं हो पा पा रहा है।

आधे-अधूरे पते की बानगी इस तरह है कि अभिनंद अपार्टमेंट, आरआर बिल्डिंग डिसेट, एचएन-53, मेट्रो पॉलिस आदि पते के रूप में लिखे हैं। ये अपार्टमेंट, बिल्डिंग कौन सी कॉलोनी, वार्ड में हैं, इसका कोई जिक्र नहीं है। ऐसे ही पते के रूप में बदनावर, देपालपुर, खजराना, सुदामा नगर आदि लिखा है। यानी इतने बड़े गांव में मरीज का पता कैसे ढंूढ़ा जाए। ऐसे ही खजराना व सुदामा नगर इतने बड़े रहवासी क्षेत्र हैं कि जब तक पूरा पता या मोबाइल नंबर नहीं हो तो वहां पहुंचा नहीं जा सकता।

मामले में मेडिकल कॉलेज की लापरवाही सामने आई है कि वहां लेबोरेटरी से मरीजों के पूरे पते नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे में उक्त क्षेत्रों डेंगू के मरीजों की बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी समस्या करीब एक हफ्ते से तब से आ रही है जब से डेंगू के मरीज बढ़ना शुरू हुए हैं। सिस्टम के तहत सरकारी अस्पताल में जब भी मरीज डेंगू का टेस्ट कराने जाता है तो ब्लड सैंपल एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लेबोरेटरी में भेजे जाते हैं। इसमें मरीज का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि होते हैं।

फिर लैब में जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जाती है, उनके नाम व मोबाइल नंबर पहचान उजागर नहीं होने के कारण नहीं लिखे जाते। केवल पूरे पतों की लिस्ट बनाकर इंटिग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीसीपी) को भेजी जाती है। दरअसल, आईडीसीपी में हर बीमारी की रिपोर्ट और मरीजों की जानकारी भेजी जाती है। यहां से संबंधित विभाग को भेजी जाती है। इसके तहत एमजीएम मेडिकल कॉलेज द्वारा डेंगू की रिपोर्ट भेजी जाती है। फिर आईडीसीपी मलेरिया विभाग व नगर निगम को सूची भेजती है ताकि वहां टीम भेजकर लार्वा सैंपल लें और छिड़काव डेंगू नष्ट करें।

पिछले कई दिनों से मरीजों के पते पूरे नहीं होने व अटपटी जानकारी के साथ भेजे जा रहे हैं जिससे छिड़काव टीमें परेशान हैं। इसके चलते उन डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में टीमें नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में न सिर्फ मरीजों के बढ़ने की आशंका है बल्कि लोग भी फोन लगाकर शिकायतें कर रहे हैं कि छिड़काव टीमें नहीं पहुंच रही है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दौलत पटेल ने बताया कि मामले में एमजीएम कॉलेज को इस बाबद पत्र लिखा गया है कि वे मरीजों के पते पूरे और सही जानकारी के साथ दें ताकि संबंधित क्षेत्र में लार्वा नष्ट करने के साथ छिड़काव किया जा सके।

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