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इंदौर में सीरो सर्वे के नतीजे:दूसरी लहर में 80% घरों तक पहुंचा कोरोना; 75% बच्चों में मिली एंटीबॉडी; 1800 बच्चों के बीच किया गया था सर्वे

इंदौर2 महीने पहले
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25 वार्डों के 1800 बच्चों में कराए गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक नतीजे सामने आए हैं। - Money Bhaskar
25 वार्डों के 1800 बच्चों में कराए गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक नतीजे सामने आए हैं।

मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अगस्त में 25 वार्डों के 1800 बच्चों (18 साल से कम उम्र) में कराए गए सीरो सर्वे (एंटीबॉडी टेस्ट) के प्रारंभिक नतीजे सामने आए हैं। औपचारिक परिणाम घोषित नहीं हुए, लेकिन सीएम द्वारा किए गए खुलासे और सूत्रों के अनुसार 75 फीसदी से ज्यादा बच्चों में एंटीबॉडी पाई गई है। इस रिजल्ट के बाद जानकारों का मानना है कि अप्रैल-मई की दूसरी कोरोना लहर बहुत घातक थी। इस दौरान दस में से आठ घरों में कोरोना वायरस पहुंचा। इससे बच्चों में भी संक्रमण होकर निकल गया और उनमें एंटीबॉडी बन गई।

पहली लहर में सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में भी कम बनी थी इम्युनिटी
बीते साल पहली लहर के बाद 85 वार्डों में हुए सीरो सर्वे में 7.75% लोगों में कोरोना के प्रति इम्युनिटी पाई गई। सर्वाधिक संक्रमित रहे बंबई बाजार में 30, सोमनाथ की चाल, हाजी कॉलोनी, जवाहर मार्ग व रानीपुरा में 20 से 25% लोगों में इम्युनिटी मिली थी।

सर्वे से पता चलेगा आगे कैसी तैयारी करना है
सीरो सर्वे का रिजल्ट तैयार हो रहा है। अगले सप्ताह से इन्हीं बच्चों में से 30% को रेंडम आधार पर चुनकर फिर सीरो सर्वे करेंगे। दोनों के रिजल्ट की स्टडी से समझ आएगा कि आगे की तैयारी कैसे करना है।
डाॅ. पवन शर्मा, संभागायुक्त

भास्कर EXPLAINER - डॉ. रवि डोसी, चेस्ट स्पेशलिस्ट

  • Q. सर्वे में 75% बच्चों में एंटीबाॅडी पाई गई है, क्या यह मानें कि ये सभी कोविड से सुरक्षित हैं?
  • A. यह वायरस के म्यूटेशन पर निर्भर करता है। वायरस में घातक म्यूटेशन हुआ तो संक्रमण फिर हो सकता है
  • Q. एंटीबॉडी आम तौर पर कितने समय तक रहती है, बच्चों में इसकी अवधि कितनी है?
  • A. एंटीबॉडी सामान्य रूप से 8 से 10 महीने रहती है।
  • Q. क्या तीसरी लहर में खतरा कम है?
  • A. कोविड की पहली लहर इंदौर में ज्यादा घातक नहीं थी, दूसरी लहर में कई गुना संक्रमण फैला। अब काफी आबादी वैक्सीनेटेड हो गई है। वायरस घातक म्यूटेशन नहीं लेता है और लोग मास्क की आदत बनाए रखते हैं तो हो सकता है तीसरी लहर इतनी घातक न हो।
  • Q. रिपोर्ट के बाद अब क्या कदम उठाना चाहिए?
  • A. जल्द से जल्द दूसरा डोज लगाना है और कोविड प्रोटोकाल पालन तो आगे भी जारी रखना है।