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  • 102 Civil Judges And 75 ADPOs Were Selected From The Institute In 6 Years Due To Different Syllabus, Special Training And Command Over Language

स्कूल ऑफ लॉ की बड़ी उपलब्धि:डीएवीवी में डिफरेंट सिलेबस, स्पेशल ट्रेनिंग और लैंग्वेज पर कमांड के कारण संस्थान से 6 साल में 102 सिविल जज और 75 एडीपीओ चुने गए

इंदाैर4 महीने पहलेलेखक: दिनेश जाेशी
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स्कूल ऑफ लॉ में मूट काेर्ट के जरिए विद्यार्थियों को प्रैक्टिस कराई जाती है। - Money Bhaskar
स्कूल ऑफ लॉ में मूट काेर्ट के जरिए विद्यार्थियों को प्रैक्टिस कराई जाती है।

प्रदेश में सिविल जज के 123 पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 जनवरी है। वहीं एमपी पीएससी ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) के 184 पदाें की एग्जाम का भी शेड्यूल जारी कर दिया है।

19 जून काे यह परीक्षा होगी। ऐसे में डीएवीवी के स्कूल ऑफ में पढ़ने वाले छात्राें काे खास प्लानिंग के तहत तैयारी करवाई जा रही है। विभाग की हेड डॉ. अर्चना रांका कहती हैं कि सिविल जज, एडीपीओ की तैयारी के कंटेंट के साथ डिफरेंट सिलेबस, उच्च स्तर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, मूट काेर्ट और बेहतरीन संस्थानों में इंटर्नशिप के कारण 6 साल में संस्थान के 102 छात्र सिविल जज चुने गए। 75 छात्राें ने एडीपीओ एग्जाम क्लीयर की। 25 छात्राें ने लॉ में नेट क्वालिफाई किया है।

सफलता के चार कदम- 75% अटेंडेंस अनिवार्य, मूट कोर्ट, ट्रेनिंग और इंटर्नशिप

  • छात्राें की 75 फीसदी अटेंडेंस पर सख्ती। सख्त अनुशासन।
  • सिविल व क्रिम्रिनल ल़ॉ के प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए एक्सपर्ट की खास टीम। हर हफ्ते दो घंटे ट्रेनिंग।
  • छात्राें काे इंटर्नशिप के लिए संस्थान विभाग खुद अलॉट म है।
  • हर माह गांवों में शिविर लगाए जाते हैं, यहां हर छात्र काे जाना अनिवार्य है। हर माह मूट काेर्ट, मूट काेर्ट प्रतिस्पर्धा हाेती है। छात्राें काे जेल व आश्रम का विजिट करवाया जाता है।
  • व्यवहारिक प्रशिक्षण पर सबसे ज्यादा जाेर।
  • नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हरियाणा के साथ संस्थान काे कंटेंट व स्टूडेंट एक्सचेंज प्राेग्राम सहित अन्य प्राेजेक्ट के लिए एमओयू भी हुआ है।

हिंदी से अंग्रेजी, अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद की खास व्यवस्था भी

संस्थान में छात्राें काे किसी भी कंटेंट काे समझाने के लिए अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद का पूरा सिस्टम तैयार है। हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद के लिए भी टीम है। ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार हर तकनीकी पहलू समझ सके।

पीएचडी-एमफिल का रिसर्च सेंटर

संस्थान में पीएचडी व एमफिल का रिसर्च सेंटर है। शाेधार्थियाें के लिए देशभर के प्रमुख फैसलाें के कंटेंट से लेकर कानून की हर वह किताबे, जनरल नॉलेज बुक्स, केस स्टडी उपलब्ध है जाे करियर के लिहाज से अहम है। संस्थान के 25 छात्राें काे पीएचडी भी अवार्ड हाे चुकी है।

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