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जर्जर भवन में शिक्षा लेने पहुंचे बच्चे:स्कूल की छत से टपक रहा पानी व सीमेंट, प्रधानाध्यापक बोले- 2 साल पहले ही जिम्मेदारों को कराया अवगत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

देवास-अशोकनगरएक महीने पहले
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कक्षा में बैठे बच्चे। - Money Bhaskar
कक्षा में बैठे बच्चे।

कोरोना काल से लगभग 2 साल बाद अब सोमवार को बच्चे फिर से स्कूल जाने लगे हैं, लेकिन स्कूलों में सुविधाओं के अभाव के कारण बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वहीं देवास के शासकीय प्राथमिक विद्यालय 6 बालगढ़ और अशोकनगर के पड़रिया गांव के स्कूलों की छतों से पानी टपक रहा है, जिससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

देवास का प्राथमिक विद्यालय बालगढ़ में छत से टपक रहा पानी और सीमेंट

जहां प्राथमिक शाला के साथ माध्यमिक विद्यालय भी संचालित होता है। दोनों के भवन भी अलग-अलग हैं। माध्यमिक विद्यालयों में कक्षाएं पिछले दिनों प्रारंभ हो गई थीं, लेकिन प्राथमिक विद्यालय में कक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हुईं। प्राथमिक विद्यालय बालगढ़, जहां स्कूल के कमरों की छतों से पानी टपकने के साथ-साथ छत से सीमेंट निकल रही है। ऐसे में बच्चों की चिंता कौन करेगा। हालांकि स्कूल शिक्षकों ने तो अपना काम करते हुए कक्षाएं प्रारंभ कर दीं, लेकिन जर्जर भवन को लेकर कई सवाल पैदा हो रहे हैं।

4 में से 2 कमरों में टपक रहा पानी

प्राथमिक शाला में बच्चों के लिए अलग-अलग 4 कमरे हैं, लेकिन 2 कमरों में बारिश का पानी टपकता रहता है। वर्तमान में स्कूल खुलने के बाद कम उपस्थिति के कारण शिक्षकों ने सभी बच्चों को 1 कक्षा में पढ़ाना शुरू कर दिया। जहां पानी नहीं टपकता है, लेकिन अगर दो-चार दिनों में स्कूली बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ तो बच्चों को परेशानी हो सकती है।

कक्षा की छत।
कक्षा की छत।

जनवरी 21 से स्कूल की बत्ती भी गुल

स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि जनवरी 2021 से स्कूल में बिजली भी नहीं है। बिजली कंपनी द्वारा कनेक्शन ही काट दिया गया। वहीं स्कूल परिसर में साफ-सफाई के अभाव में घास भी उगी हुई है। वहीं काफी समय बाद शुरू हुए स्कलों में सोमवार का पहले दिन बच्चों की कम संख्या थी। वहीं कक्षा एक में 21 बच्चे दर्ज हैं उसमें से केवल 2 ही बच्चे स्कूल आए। इस तरह अन्य कक्षाओं में भी कम उपस्थिति दर्ज हुई।

प्रधानाध्यापक संजय पाटिल
प्रधानाध्यापक संजय पाटिल

यह बोले प्राचार्य

देवास के शाप्रामावि बालगढ़ क्रमांक 6 प्रधानाध्यापक संजय पाटिल ने बताया कि छत से पानी टपकने की समास्या व अन्य सुविधाओं लेकर डीपीसी व बीआरसी को लिखित में दो साल पहले से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक समास्या का हल नहीं हुआ है।

अशोकनगर के पड़रिया गांव के स्कूल के हालात खराब

लगभग 2 वर्ष बाद स्कूल खुलने से स्कूलों के हालात काफी खराब हो गए हैं। कहीं छतों से पानी टपक रहा है तो कहीं स्कूल को जाने वाले रास्ते में झाड़ उगे हुए हैं, जिससे बच्चों को स्कूल तक पहुंचना भी मुश्किल हुआ। सबसे अधिक परेशानी तो यह हुई की ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पास मास्क नहीं थे, कई बच्चे स्कूल से मास्क लगाने घर पहुंचे, फिर वापस आकर स्कूल आए ।

अशोकनगर के पड़रिया गांव में बना स्कूल।
अशोकनगर के पड़रिया गांव में बना स्कूल।

इस समय बात कर रहे हैं पड़रिया स्कूल की, जिसमें बच्चों को सड़क से स्कूल तक जाने तक रास्ता नहीं है। स्कूल में न तो बच्चों को मास्क, साबुन एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था पंचायत द्वारा की, और न ही शिक्षा विभाग की ओर से की गई। जिसके चलते मास्क न होने के कारण स्कूलों की कक्षा में करीब 2 घंटे तक बच्चे बैठ ही नहीं पाए। मुख्य बात यह है कि लगातार 2 साल तक स्कूल बंद रहने के कारण कई स्कूलों की छत से पानी टपक रहा है तो कई जगह स्कूल तक जाने के रास्ते पर झाड़ उग गए हैं। पड़रिया गांव का स्कूल जिला शिक्षा केंद्र से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। उस स्कूल में छत से पानी टपक रहा है स्कूल को पहले न तो खोल कर देखा और न ही मरम्मत हुई। वहीं वैक्सीनेशन सेंटर छात्र-छात्राओं की क्लास में चलने के कारण एक कक्ष में सभी छात्र-छात्राओं को बैठना पड़ा। पड़रिया पंचायत के सरपंच का कहना है कि अभी तो मास्क नहीं लाए, अब लाकर रखवा देंगे।

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