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  • The Farmers Reached The Railway Stop, Stood For One And A Half Hours Waiting For Their Companions, Then Entered Inside Shouting Slogans

पुलिस ने मेन गेट के पास ही रोका:रेल राेकने पहुंचे किसान, साथियाें के इंतजार में डेढ़ घंटे खड़े रहे, फिर नारेबाजी करते हुए घुसे अंदर

देवासएक महीने पहले
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  • संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर किसान रेल रोको आंदोलन के लिए पहुंचे थे

यूपी के लखीमपुर खीरी हिंसा के विराेध में साेमवार काे संयुक्त किसान मार्चा के आह्वान पर जिले से कुछ किसान रेल राेकाे आंदाेलन में शामिल हाेने के लिए देवास रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसान दाेपहर करीब 12.40 बजे स्टेशन के बाहर नारेबाजी करते रहे, जाे कुछ देर बार थक कर रुक गए, फिर भाषण-बाजी करने लगे।

किसान रेल राेकने के लिए अंदर जाने वाले थे, किंतु उनके साथी का इंतजार करते हुए डेढ़ घंटा लग गया। बाकी के साथी आए ताे जाेश के साथ करीब 40-45 किसान बैरिकेड्स से अंदर की तरफ घुसे, जिन्हें रास्ते में पुलिस जवानाें ने राेक लिया। किसानाें ने कहा, साेमवार का हमारा सांकेतिक आंदाेलन है, आने वाले दिनाें में उग्र आंदाेलन करेंगे।

किसानाें ने नारेबाजी करते हुए कहा, यह लड़ाई हमारी नहीं, पुलिस, अधिकारी और आमजन की है। उदाहरण के लिए आप लाेग 100 रु. किलाे आटा खरीद लाेगे, लेकिन 1 हजार रुपए किलाे खरीदने में असमर्थ रहाेगे। देश की सरकार उद्याेगपतियाें के हाथ में है, जाे सबकुछ बेचना चाहती है।

किसान अपनी जमीन किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगे। इसके बाद किसानाें ने तहसीलदार प्रवीण पाटीदार काे मांग काे लेकर आवेदन दिया। किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ एवं आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेतृत्व में पहुंचे थे।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के जिलाध्यक्ष गगनसिंह पटेल ने कहा, तहसीलदार से लखीमपुर खीरी मामले के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई। साथ ही उन्हाेंने कहा, जिले में किसानों को खाद नहीं मिल रहा, इसकी खुलेआम कालाबाजारी हो रही है।

सरकार द्वारा लागू किए 3 कृषि कानून विरोध में लाखों किसान 10 माह से संघर्ष कर रहे और 600 से ज्यादा शहीद भी हो गए हैं, लेकिन सरकार नजरअंदाज कर रही है। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री त्रिलोक गोठी, लालसिंह बागवान, मानसिंह कोठारी, कैलाश चौधरी, बाबूलाल पाटीदार, राजेन्द्र नाहर, हरीसिंह धाकड़, संतोष जाट, राजेश कंठाली, रविन्द्र चौधरी, विनोद प्रजापति, इंद्रसेन राव निमोणकर, कमल भंडारी, मूलचंद जाट, मांगीलाल जाट, बनेसिंह गुड्डू आदि किसान माैजूद थे। जानकारी जिला मीडिया प्रभारी संदीप प्रजापति ने दी।

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