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आज से लगेंगी प्राइमरी कक्षाएं:अभिभावक बाेले- बच्चे समझते नहीं, स्कूल में एक-दूसरे के टिफिन से खाएंगे खाना, स्कूल भेजने में लग रहा डर

देवासएक महीने पहले
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  • वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और बुखार की चपेट में सबसे ज्यादा आ रहे बच्चे, माैसमी बीमारी खत्म हाेने के बाद स्कूल खुले ताे अच्छ

काेराेना के मरीज घटने पर सरकार ने 20 सितंबर से 1 से 5वीं तक के स्कूल खाेलने के आदेश दे दिए हैं, लेकिन इस समय अस्पतालाें में पहुंच रहे मरीजाें में सबसे ज्यादा संख्या बच्चाें की हैं। ज्यादातर माता-पिता स्कूल भेजने काे तैयार नहीं हैं। इधर प्राइवेट स्कूल वालाें ने बच्चाें काे बुलाने के लिए माेबाइल पर एसएमएस भेजे हैं।

माैसमी बीमारी की चपेट में आने से बच्चाें काे सर्दी, जुकाम, बुखार, निमाेनिया और अल्टी-दस्त लग रहे हैं। विदेश में तीसरी लहर अा चुकी है, जिसका डर अब हमारे यहां भी बना हुआ है। ऐसे में कक्षा 1 से 5वीं में पढ़ने वाले बच्चाें काे उनके पालक भेजने काे तैयार नहीं है। पिछले 15 दिनाें से जिला अस्पताल के शीशु वार्ड में बच्चाें के भर्ती हाेने की संख्या बढ़ रही है।

अभी भीड़ में बच्चाें काे नहीं भेजें, वायरल निमाेनिया के बढ़े मरीज
इस समय सर्दी, खांसी और बुखार के साथ बच्चाें में वायरल निमाेनिया बढ़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बच्चे उपचार के लिए अा रहे हैं। इस समय बच्चाें काे भीड़ से बचाना हाेगा, क्याेंकि वायरल निमाेनिया भी एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैल रहा है। तीसरी लहर का काेई भराेसा नहीं कब आ जाए।
डाॅ. एमबी अग्रवाल, जिला अस्पताल देवास

अभिभावक बोले- स्कूल से एसएमएस आए, सहमति पत्र मांग रहे, नहीं भेजूंगी

माेतीबंगला निवासी अनुराधा चावड़ा का कहना, इस समय बच्चे बीमार चल रहे हैं और ऐसे में स्कूल खाेलना सही नहीं है। माेबाइल पर एसएमएस आए, जाे सहमति पत्र मांग रहे हैं। स्कूल संचालक बच्चाें की बीमारी से सुरक्षा की गारंटी लेंगे ताे ही भेजेंगे। मेरा बेटा यशवर्धनसिंह पहली कक्षा में पड़ रहा, जिसे बीमारी के बारे में पता भी नहीं है।

बच्चों को समझाना मुश्किल : छाेटे बच्चे स्कूल जाते हैं ताे एक-दूसरे के टिफिन में खाना खाते हैं, इन्हे कैसे समरझाएंगे, काेराेना बीमारी के बारे में पता भी नहीं है। यह कहना है राधागंज निवासी प्रीति गाैड़ का। गाैड़ ने कहा, मेरा बेटा जियाना गाैड़ा पहली कक्षा में है, जिसे स्कूल में बुलाने के लिए एसएमएस आया है। मैं बच्चे काे स्कूल नहीं भेजूंगी, अगर बीमारी लग गर्ई ताे उसका जवाबदार काैन है।

दाेनाें बच्चाें काे नहीं भेजूंगा : न्यू देवास काॅलाेनी निवासी बनेसिंह अस्ताया ने बताया, वायरल बुखार के चपेट में आने से बच्चे पहले ही कमजाेर हैं। अब स्कूल वाले एसएमएस कर बुला रहे, मैं नहीं भेजूंगा। ऑनलाइन पढ़ाई माेबाइल पर सही चल रही है। मेरा बेटा विवेक अस्ताया 5वीं में व वैदिका अस्ताया 4थी कक्षा में पढ़ती हैं।

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