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देवास में ट्रेन रोकने पहुंचे किसान:लखीमपुर में हिंसा के मामले में ट्रेन रोकने पहुंचे किसानों को स्टेशन के बाहर ही रोका

देवासएक महीने पहले
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मौके पर खड़ी प्रशासन। - Money Bhaskar
मौके पर खड़ी प्रशासन।

लखीमपुर उप्र में हिंसा के मामले में देवास में भी राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सांकेतिक रेल रोकाे आंदोलन किया। हालांकि पुलिस के सख्त पहरे के कारण किसान रेलवे स्टेशन के अंदर तक नहीं पहुंच सके। पुलिस ने इन्हें बाहर ही रोक लिया। किसानों ने कृषि कानून के विरोध में बाहर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने ज्ञापन भी दिया।

उल्लेखनीय है कि महासंघ ने पहले से ही अपने आंंदोलन के बारे में घोषणा कर दी थी, ऐसे में बड़ी संख्या में पुलिस जवान सोमवार सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर तैनात थे। दोपहर 12 बजे बाद महासंघ से जुड़े किसान बैनर लेकर रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने इन्हें अंदर नहीं जाने दिया।

इस दौरान पुलिस व किसानाें के बीच हल्की झड़प व नोकझोक होती रही। किसान रेलवे स्टेशन के अंदर जाने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुलिस इन्हें सख्ती से रोकती रही। ऐसे में किसानों ने बाहर ही कृषि कानून के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक किसान नारेबाजी करते रहे।

किसानों से बातचीत करते पुलिस अधिकारी।
किसानों से बातचीत करते पुलिस अधिकारी।

महासंघ के जिला अध्यक्ष गगनसिंह पटेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पिछले 11 महीने से अन्नदाता कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार कृषि कानून को वापस लें। ये लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं है, यह सभी लोगों की है।

अगर उद्योगपतियों के गोदामों में अनाज बंद हाे जाएगा तो जिस प्रकार से डाटा मिल रहा है, उस प्रकार से आटा मिलेगा। यह सरकार उद्योगपतियों की है। कानून बाद में बने लेकिन गोदाम पहले बन गए। यह किसानों की मौत का फरमान है।