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बड़ी उपलब्धि:देश के पर्यटन नक्शे पर दमकेगा नर्मदापुरम, यू-ट्यूब पर मिलेंगे टूरिस्ट स्पॉट के वीडियो

होशंगाबादएक महीने पहले
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इतिहास और महत्व संबंधी बोर्ड लगाने के साथ वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड कराए जाएंगे। - Money Bhaskar
इतिहास और महत्व संबंधी बोर्ड लगाने के साथ वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड कराए जाएंगे।
  • एक उत्पाद, एक जिला में होशंगाबाद का पर्यटन शामिल, 3 साल में होगा विकास
  • पचमढ़ी, मढ़ई, चूरना में सैलानियों की पहुंच होगी आसान, बढ़ेगी सुरक्षा

शिमला, कुल्लू-मनाली की तरह हाेशंगाबाद जिले के टूरिस्ट स्पाॅट देश के पर्यटन के नक्शे में दिखाई देंगे। प्रशासन ने जिले के पर्यटन को एक उत्पाद, एक जिला में शामिल किया है। हालही में एसटीआर यूनेस्काे की विश्व धराेहर की संभावित सूची मेें शामिल गया है। अब प्रशासन ने रेशम की जगह पर्यटन काे एक जिला-एक उत्पाद में शामिल कर लिया है। तीन साल की कार्ययाेजना बनाकर विकास कार्य होंगे। पचमढ़ी महोत्सव जैसे कार्यक्रम का कैलेंडर जारी हाेगा। इतिहास और महत्व संबंधी बोर्ड लगाने के साथ वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड कराए जाएंगे।

इन क्षेत्रों का होगा विकास

पचमढ़ी का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी है। यहां देश विदेश से श्रद्धालु आते हैं। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों मनाली, शिमला जैसा बनाने के लिए पचमढ़ी की पहाड़ियों पर स्थित पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ने के साथ तवा, मढ़ई, चूरना, बांद्राभान, किला और सेठानीघाट के साथ छाेटी पहाड़िया पर देश के पर्यटन स्थलाें जैसे सुविधा मिलेगी।

यह होगा फायदा :

जिले की बेरोजगारी दूर होगी।

लोगों की आमदनी बढ़ेगी।

जिले की छवि बढ़ेगी।

लोगों की आवाजाही बढ़ेगी।

नए होटल, रेस्टोरेंट खुलेंगे।

भास्कर ने बताई थी पर्यटन की ताकत

दैनिक भास्कर ने 19 सितंबर के अंक में हाेशंगाबाद में नई संभावनाओं पर विशेष अंक निकाला था। इसमें मढ़ई, पचमढ़ी, चूरना सहित पूरे जिले में पर्यटन की ताकत खास तस्वीराें और कंटेंट के साथ प्रकाशित की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने पर्यटन की दिशा और कदम बढ़ाने का फैसला लिया है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह स्वयं कार्यों को लेकर रूपरेखा तैयार करा रहे हैं।

सुरक्षा- पचमढ़ी सहित अन्य स्थल पर सुरक्षा काे बढ़ाने का काम हाेगा।
परिवहन : मढ़ई और चूरना जाने के लिए स्वयं के वाहन के अलावा काेई भी सुविधा नहीं है। परिवहन बढ़ेगा।
आवास- पर्यटन स्थलों पर आवास की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। एसटीआर सहित नर्मदा के किनारे के पर्यटन स्थलाें पर आवास बनेंगे।
इतिहास- पर्यटन स्थलों की कई जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन पहाड़िया, पचमढ़ी, सूरजकुंड जैसी टूरिस्ट स्पॉट का इतिहास की जानकारी साझा करेगा।

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