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प्राइमरी स्कूल अनलॉक:कुलहरदा में टूटे कवेलू के नीचे क्लास, बच्चों पर गिरती रही बूंदें, काशीबाई स्कूल में पहले सफाई, फिर पढ़ाई

हरदाएक महीने पहले
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हरदा। कुलहरदा स्कूल की छत के टूटे कबेलू के बीच पढ़ाई कर रहे बच्चे। - Money Bhaskar
हरदा। कुलहरदा स्कूल की छत के टूटे कबेलू के बीच पढ़ाई कर रहे बच्चे।
  • 18 महीने बाद पहली से पांचवीं तक के स्कूल खुले तो सामने दिखी दिक्कतें, जूझते रहे शिक्षक-छात्र

18 माह बाद सोमवार को प्राथमिक स्कूल खुले। पहले दिन अव्यवस्थाएं रहीं। प्राथमिक कक्षाओं में कहीं 8-8 ताे कहीं 20 बच्चे पहुंचे। शिक्षकों ने पालकाें की लिखित सहमति ली। कुलहरदा स्कूल में टूटे कवेलू की छत के नीचे बच्चों की क्लास लगी। दूसरी क्लास में बैठे बच्चाें ने मास्क नहीं लगाया। उन्हें भी शिक्षक ने समझाइश दी।

काशीबाई प्राथमिक शाला में टाट पट्‌टी नहीं थी, शिक्षक व छात्राें ने पहले तिरपाल की सफाई की। इसके बाद बैठने की व्यवस्था हाे सकी। दूसरी क्लास में बच्चे मास्क लगाकर नहीं बैठे। फाेटाे खींचती देख काशीबाई कन्याशाला शाला में प्रधान पाठक जगदीश साेलंकी ने बच्चाें से पूछा की मास्क क्याें नहीं पहना?

बच्चाें ने मासूमियत से अपना हाथ मुंह पर रख लिया। कुछ बच्चाें ने बस्ते में से मास्क निकालकर पहन लिया। इसके बाद प्रधान पाठक ने समझाइश दी की कल से बिना मास्क स्कूल नहीं आने दिया जाएगा। जिले में 542 प्राइमरी स्कूल हैं, इनमें 77800 बच्चे दर्ज हैं।

काशीबाई प्राथमिक शाला : शिक्षकों ने की सफाई, बैठने के लिए बुलाई टाट-पट्‌टी

यहां मास्क व साेशल डिस्टेंसिंग नहीं थी। पांचवीं क्लास में 45 में से 21 छात्राएं आईं। कमराें के बाहर गंदगी पसरी हुई थी। कमराें की सफाई भी शिक्षकों ने ही की। फर्श पर बैठने के लिए टाट-पट्टी नहीं हाेने पर शिक्षकों व छात्राओं ने मिलकर सफाई की। इसके बाद बैठने के लिए तिरपाल बुलाई और साफ कर बैठाया गया।

प्राथमिक शाला कुलहरदा : रिमझिम बारिश के बीच छत के टूटे कवेलू से टपकता रहा पानी

यहां दूसरी कक्षा में 40 में से 8 बच्चे पहुंचे। शिक्षक दिनेश भुसारे ने बच्चाें काे समझाइश दी कि बिना मास्क ना आएं। इसी दाैरान रिमझिम बारिश शुरू हाे गई। छत के टूटे कवेलू से पानी टपकने लगा। शिक्षक ने कहा मजबूरी है। तेज बारिश होने पर बच्चाें की छुट्टी करना पड़ेगी। दुरुस्त कराने के लिए आवेदन दिया है।

स्कूलों की मरम्मत के लिए अभी बजट नहीं है। डिमांड भेजकर काम कराया जाएगा।
सीएस मरावी, डीपीसी, हरदा

शहर के स्कूल 100-100 साल पुराने हाे गए हैं। लकड़ियां सड़ गई हैं। नया निर्माण हाेगा। नपा निरीक्षण कर चुकी है।
सुरेंद्र जैन, नपाध्यक्ष, हरदा

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