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  • By Registering The Number Of Asha Worker, The Health Department Told It To Be Corona Positive, Here The Person Said We Did Not Even Get The Test Done

विवाद में फंस गई कोरोना रिपोर्ट:आशा कार्यकर्ता का नंबर दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग ने बता दिया काेरोना पॉजिटिव, इधर व्यक्ति बोला-हमने टेस्ट ही नहीं कराया

बैतूल4 महीने पहले
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस घर को कंटेंनमेंट जोन में डाला गया है। - Money Bhaskar
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस घर को कंटेंनमेंट जोन में डाला गया है।

जिले के आठनेर में एक परिवार की कोरोना रिपोर्ट विवादों में फंस गई। दरअसल, पूरा प्रशासन एक परिवार के दो लोगों के पॉजिटिव होने की बात कर रहा है। परिजनों का दावा है कि उन्होंने कभी अपना टेस्ट ही नहीं करवाया। ऐसे में प्रशासन जहां उस घर को कंटेंटमेंट बनाने को लेकर कार्रवाई कर रहा है जबकि घर के लोग इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना रिपोर्ट विवादों में फंस गई है।

कोरोना रिपोर्ट को लेकर उस समय विवाद की स्थति बन गई जब नगर पालिका के कर्मचारी आठनेर के वार्ड नंबर 14 में दो भाइयों के घर पहुंचे। वहां पहुचकर कंटेंटमेंट बनाना शुरू कर दिया। घर पर कोरोना पॉजिटिव के पर्चे चिपकाना शुरू किया तो विवाद खड़ा हो गया। घर वालों का कहना है कि जब उनके घर कोई पॉजिटिव ही नहीं है तो फिर कंटेंटमेंट क्यों बनाया जा रहा है।

घर वालों ने नपा कर्मियों को खाली हाथ ही लौटा दिया। पॉजिटिव बताये जा रहे भाईयों की बहू ने भास्कर से बातचीत में बताया कि वे लोग प्रशासन की कार्रवाई से तंग है। लोग उन्हें संदेह की नजर से देख रहे हैं जबकि उनके ससुर कभी टेस्ट कराने ही नहीं गए तो फिर पॉजिटिव कैसे आ गए।

मामले पर BMO का बयान

बीएमओ डॉ. अजय माहौर के मुताबिक संबधित व्यक्तियों के RTPCR टेस्ट कराए गए थे जिसमें वे पॉजिटिव आए है। उन्हें CCTV कैमरे में तहसीलदार के सामने ट्रेस किया गया है। घर को 7 दिन के लिए कंटेंटमेंट जोन बनाया जाएगा। संबंधित को 7 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाएगा।

नपा के कर्मचारी भी परेशान

इधर नपा के कर्मचारी पशोपेश में है कि वह कंटेंटमेंट बनाए या नहीं। CMO दिनेश तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन कंटेंटमेंट जाेन बनाने की बात कह रहा है,लेकिन वे जब फाइनल करेंगे तभी बेरिकेडिंग की जाएगी। जिसे पॉजिटिव बताया जा रहा है। स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन के पास न तो उसका आधार कार्ड है और न ही उनकी रिपोर्ट में उनका मोबाइल नंबर डाला गया है। संबंधित की रिपोर्ट के सामने आशा कार्यकर्ता के नम्बर का उल्लेख किया गया है।

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