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  • Laddu Made From 15Kg Gram Flour, 8Kg Ghee, 28Kg Sugar Powder In 9 Hours, The Confectioner Said I Was Able To Make Laddus Only By Gajanan's Wish

गजानन को 51 किलो के एक लड्‌डू का भोग:9 घंटे में 15Kg बेसन, 8Kg घी, 28Kg शक्कर बूरे से बना लड्‌डू, हलवाई बोला - गजानन की मर्जी से ही लड्‌डू बना पाया

शिवपुरीएक वर्ष पहले
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भगवान गजानन को 51 किले के लड्‌डू का भोग लगाया गया। - Money Bhaskar
भगवान गजानन को 51 किले के लड्‌डू का भोग लगाया गया।

कोलारस के लुकवासा की गणेशपुरा कॉलोनी में स्थित गजानन भगवान को गुरुवार को 51 किलो के लड्डू का भोग लगाया गया। मंदिर पर 51 किलो के एक लड्डू का प्रसाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। 51 किलो के एक लड्डू का भोग लगाने के संबंध में जब गांव के लोगों से बात की तो उनका कहना था कि यह किसी विशेष प्रयोजन से नहीं किया गया है।

उनके अनुसार हर साल 51 किलो लड्डुओं का भोग लगाते थे, इस बार अचानक से भक्तों के मन में आया कि क्यों न 51 किलो के एक लड्डू का भोग भगवान को लगाया जाए, लेकिन 51 किलो का एक लड्डू बनाना मुश्किल था, जब इस बात पर मंथन चल रहा था तभी एक हलवाई खुद आया और 51 किलो का एक लड्डू बनाने की जिम्मेदारी ले ली। गांव वाले मानते हैं कि इसमें उनका कुछ नहीं है यह तो भगवान की प्रेरणा है। उनकी ही प्रेरणा से भगवान की मढ़िया मंदिर में बदल गई और 51 किलो लड्डुओं का भोग 51 किलो के लड्डू का भोग बन गया।

हलवाई के अनुसार इतने बड़े लड्‌डू को बांधना सबसे बड़ी चुनौती थी।
हलवाई के अनुसार इतने बड़े लड्‌डू को बांधना सबसे बड़ी चुनौती थी।

1444 में हुई थी मंदिर की स्थापना
जब भगवान गणेश की मढ़िया और प्रतिमा के इतिहास के बारे में गांव वालों से पूछा कि मंदिर की स्थापना किसने और कब कराई तो गांव का एक भी व्यक्ति यह नहीं बता पाया कि मंदिर और प्रतिमा कितनी पुरानी है। गांव के सबसे उम्रदराज 99 वर्षीय बुजुर्ग व रिटायर्ड शिक्षक माधो सिंह के अनुसार उन्होंने इस मंदिर को बचपन से ऐसे ही देखा है। उनके अनुसार उनके बुजुर्ग भी यही कहते थे कि वह मंदिर को बचपन से ऐसे ही देखते आ रहे हैं। मंदिर के पुजारी अय्या महाराज बताते हैं कि उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी मंदिर की पूजा करता आ रहा है। बकौल अय्या महाराज उन्होंने मंदिर के पूर्व पुजारी व उनके दादाजी स्व. मूलचंद्र वैरागी ने अपनी डायरी में लिखा हुआ था कि मंदिर की सत्यापन 1444 ईस्वी यानी करीब 634 वर्ष पहले हुई थी।

9 घंटे लगे लड्डू बनाने में
लड्डू को बनाने वाले हलवाई का कहना है कि इस लडडू को बनाने में उन्हें 9 घंटे का समय लगा। उन्होंने इस लड्डू को बनाने के लिए 15 किलो बेसन, 8 किलो घी, 28 किलो शक्कर का बूरा, 500 ग्राम काजू, 500 ग्राम किशमिश, 500 ग्राम बादाम, 250 ग्राम पिस्ता, 250 ग्राम डोंडा उपयोग किया है। उनके अनुसार इतने बड़े लड्डू को बंधना बड़ी चुनौती थी, लेकिन यह सिर्फ गजानन की मर्जी से ही संभव हो पाया है। समिति सदस्य हरिओम रघुवंशी ने बताया कि हम लोगों ने पहले से इस लड्डू को लेकर कोई विचार नहीं किया था। भगवान की प्रेरणा से ही यह संभव हुआ है।

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