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MP में विदा होते मानसून से तबाही:तेज हवा और बारिश से खेतों में पानी भरा; धान की फसल बिछी, सरसों की बुआई बिगड़ी

मध्यप्रदेशएक महीने पहले
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मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में हुई तेज बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल अंचल में हुआ है। पककर तैयार धान की फसल खेतों में बिछ गई है। कटी फसल भी भीग जाने से किसान परेशान हैं। श्योपुर में 50 हजार हेक्टेयर में खड़ी धान को नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से मूंगफली की फसल को भी नुकसान हुआ है। जहां सरसों की बुआई हो चुकी थी, वहां बीज गल गए हैं। अकेले भिंड में डेढ़ लाख हेक्टेयर में बोई गई सरसों के बीज नष्ट हो गए हैं।

ग्वालियर-चंबल: धान, सरसों और मूंगफली पर
ग्वालियर-चंबल में रात को मूसलाधार बारिश और तेज हवा से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। शिवपुरी-श्योपुर, गुना और दतिया में धान की फसल खेतों में ही बिछ गई है। बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह खेत में गिर गई है। इसके अलावा जो फसलें खेतों में कटी पड़ी हैं, वह भी भीग गईं।

यह तस्वीर दतिया की है। बारिश से खेत में पानी भर गया। इससे धान की कटी फसल को नुकसान हुआ है।
यह तस्वीर दतिया की है। बारिश से खेत में पानी भर गया। इससे धान की कटी फसल को नुकसान हुआ है।

सिर्फ श्योपुर जिले में 50 हेक्टेयर में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां के कराहल कस्बे में रातभर में 12 इंच से ज्यादा बारिश हुई है। इसके अलावा उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा और तिल की पकी हुई फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

शिवपुरी के देहरदा गणेश के रामसिंह दांगी का कहना है कि रातभर हुई बारिश ने मेरे खेत में 18 बीघा धान की फसल को बिछा कर रख दिया है। खेत में कटी रखी फसल भी भीग गई है। अब दाने की क्वालिटी खराब हो जाएगी। वहीं, पड़ोरा के किसान किशन सिंह ने कहा कि एक बार फिर फसल भीगने से नुकसान हो गया है। पहले बाढ़ और अब भारी बारिश ने फसल में नुकसान कर कर्जदार बना दिया।

शिवपुरी में खेत में बिछी धान की फसल।
शिवपुरी में खेत में बिछी धान की फसल।

सरसों की फसल नष्ट होने का असर पड़ेगा
भिंड-मुरैना मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा सरसों उत्पादन करने वाले जिले हैं। बेमौसम बारिश की वजह से खेत में बोई गई सरसों के बीज नष्ट हो गए हैं। इसका असर आने वाले समय में पड़ सकता है। पहले से ही सरसों के तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अकेले भिंड में डेढ़ लाख हेक्टेयर में सरसों बोई गई है। भिंड के किसान ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने कहा किसी तरह से खाद की व्यवस्था की, अब बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। 11 बीघा में बोई गई सरसों नष्ट हो गई है।

खंडवा में सोयाबीन की फसल बचाता किसान।
खंडवा में सोयाबीन की फसल बचाता किसान।

निमाड़ में कपास, मिर्ची और सोयाबीन को नुकसान
निमाड़ के खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर जिलों में कपास, मिर्च, सोयाबीन को नुकसान पहुंचा है। किसानों के मुताबिक, सोयाबीन में 70%, कपास में 60 और मिर्च में 40% नुकसान है। नवरात्रि बाद अब किसान उपज निकालने वाले ही थे कि बारिश ने फसल चौपट कर दी। कपास के गेंठे (डोडे) और मिर्च गलकर पौधे से गिर गई।

खंडवा में खेत में पकी सोयाबीन की फसल का यह हाल।
खंडवा में खेत में पकी सोयाबीन की फसल का यह हाल।

मूंगफली की क्वालिटी पर असर
जिन किसानों ने अपने खेतों में मूंगफली की फसल लगाई है, उनका कहना है कि बारिश के कारण फसल भीग जाने से अब उस पर कालापन आ जाएगा, जिससे क्वालिटी कमजोर हो जाएगी और फसल का भाव भी कम मिलेगा।

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