पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • To Fulfill Her Father's Dream, She Chose A Job In The Force, The Constable's Daughter Died In The ITBP Training Camp, Don't Know How

ग्वालियर की बेटी की उत्तराखंड में संदिग्ध मौत:पिता का सपना पूरा करने फोर्स में जॉब चुनी; ITBP ट्रेनिंग कैंप में बेहोश हुई, तोड़ा दम

ग्वालियर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शिवकुमारी बाथम जिसकी उत्तराखंड के आईटीबीपी आरक्षक ट्रेनिंग कैंप में मौत हो गई - Money Bhaskar
शिवकुमारी बाथम जिसकी उत्तराखंड के आईटीबीपी आरक्षक ट्रेनिंग कैंप में मौत हो गई

ग्वालियर की एक जांबाज बेटी की उत्तराखंड के ITBP ट्रेनिंग कैंप में संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। ट्रेनिंग के बाद कैंप में गई शिवकुमारी अचानक जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया है। ग्वालियर डबरा में रहने वाली शिवकुमारी पिता का सपना पूरा करने फोर्स में गई थी। रविवार को उसका पार्थिव शरीर उत्तराखंड से ग्वालियर पहुंचा है।

यहां गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा है। उसकी मौत को लेकर अभी भी अटकलें हैं। ITBP ने उनके परिजन को बेटी के बीमार होने की बात कही है, लेकिन परिजन अभी इस संबंध में कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।

ग्वालियर की बेटी के शव को गार्ड ऑफ ऑनर देते जवान
ग्वालियर की बेटी के शव को गार्ड ऑफ ऑनर देते जवान

ग्वालियर के डबरा में ठाकुर बाबा रोड रामनिवास कॉलोनी निवासी राजाराम बाथम की बेटी शिवकुमारी बाथम (19) का इसी वर्ष ITBP (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) में बतौर आरक्षक सिलेक्शन हुआ था। सिलेक्शन होने के बाद शिवकुमारी ITBP ट्रेनिंग कैंप के लिए उत्तराखंड के लिए आई थी। यहां ट्रेनिंग के दौरान आरक्षक शिवकुमारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है।

शनिवार को अचानक वह बेहोश होकर गिरी और उसको हॉस्पिटल पहुंचाया गया तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अचानक बेटी की मौत की खबर सुनते ही बाथम परिवार में कोहराम मच गया। जब परिजन ने ITBP के अफसरों से बात की तो वहां से जवाब मिला है og बीमार थी। बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है, लेकिन क्या बीमारी थी यह परिजन को अभी पता नहीं चला है।

8 बहन भाई-बहनों में 5वें नंबर की थी शिवकुमारी
शिवकुमारी बाथम घर में 8 बहन भाई हैं। उसके 6 बहनें और दो भाई हैं। वह पांचवे नंबर की थी। ऐसा पता लगा है कि शिवकुमारी के पिता चाहते थे कि उ नके घर से कोई फोर्स में जाकर परिवार का नाम रोशन करे। इस पर शिवकुमारी ने लगातार फोर्स में जाने की तैयारी की और उसका सिलेक्शन ITBP में हो गया। अभी वह ट्रेनिंग कैंप के लिए ITBP बेस कैंप उत्तराखंड में थी तभी यह हादसा हो गया।

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद अंतिम संस्कार
रविवार दोपहर नव आरक्षक शिवकुमारी बाथम की पार्थिव देह पूरे सम्मान के साथ ग्वालियर लाई गई है। पहले यहां डबरा पुलिस दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात कह रही थी, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। गांव में ही डबरा की बेटी के पार्थिव देह को रखा गया है। दोपहर बाद उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और फिर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...