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तेजी से पैर पसार रहा डेंगू:2021 में अब तक 877 केस मिले, 2018 में अक्टूबर तक 800 लोगों को हुआ था डेंगू

ग्वालियरएक महीने पहले
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मलेरिया विभाग की टीम को बुधवार को 208 कंटेनर में मिला लार्वा। - Money Bhaskar
मलेरिया विभाग की टीम को बुधवार को 208 कंटेनर में मिला लार्वा।

डेंगू वायरस का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल 19 अक्टूबर तक डेंगू के 877 केस सामने आ चुके हैं। पिछले 6 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2018 में डेंगू के सर्वाधिक 1202 केस मिले थे। हालांकि, वर्ष 2018 में भी 31 अक्टूबर तक डेंगू के 800 केस मिले थे, लेकिन इस साल ये आंकड़ा 877 पहुंच चुका है जबकि अक्टूबर में 10 दिन शेष रह गए हैं।

मुसीबत यहीं खत्म नहीं हो रही। जिस मलेरिया विभाग पर डेंगू की रोकथाम का जिम्मा है, उसमें ही कई पद रिक्त हैं। स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए दो दिन पूर्व ही आउटसोर्स से कुल 17 कर्मचारियों को एक माह के लिए भर्ती किया गया है।

आज वार्ड वार चलेगा विशेष अभियान

डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए निगम द्वारा आज अभियान चलाने के लिए वार्ड वार टीम गठित होंंगी। जो लोगों को जागरूक करेगी। निगम आयुक्त किशोर कन्याल ने बताया कि निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निगम सीमा में डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए गुरुवार को विशेष अभियान में लोगांे को जागरूक करेगी। वार्ड वार कर्मचारियों की टीमों का गठन किया है।

मलेरिया इंस्पेक्टर के 5 पद अभी भी खाली

मलेरिया विभाग में मलेरिया अधिकारी का पद ही अस्थाई रूप से भरा गया है। जिस अधिकारी का ग्वालियर स्थानांतरण किया गया था, उसने अभी कर ग्वालियर ज्वाइन नहीं किया। वहीं, मलेरिया इंस्पेक्टर के कुल 11 में से 6 पद ही भरे हैं, जबकि पांच पद लंबे समय से खाली हैं।

जूनियर मलेरिया इंस्पेक्टर के सभी सात पद भरे हुए हैं। इसके अलावा सुपरवाइजर फील्ड वर्कर के 2 और फील्ड वर्कर के 6 पद भी भरे हुए हैं। स्टाफ की कमी के चलते वार्ड-65 के लिए केवल एक मलेरिया इंस्पेक्टर है। कमोवेश यही स्थिति महाराजपुरा क्षेत्र की भी है।

डेंगू: 22 सैंपल की जांच में 11 निकले संक्रमित

बुधवार को जिला अस्पताल में 22 सैंपल की जांच हुई। इसमें 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 10 ग्वालियर के हैं और एक मरीज मालनपुर का। ग्वालियर के 10 मरीजों में से 6 पीड़ित 18 या उससे कम आयु के हैं। माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच नहीं हुई।

162 घरों में मिला लार्वा

मलेरिया विभाग की टीम ने बुधवार को 1,980 घरों में सर्वे किया। इसमें 162 घरों के 208 कंटेनर में लार्वा मिला। इसमें से 107 कंटेनर को खाली कराया गया। 101 कंटेनर में दवा छिड़की गई। वहीं इस संबंध में प्रभारी मलेरिया अिधकारी डॉ. नीलम सक्सेना ने कहा, जांच रिपोर्ट में मरीजों की जानकारी गलत तरीके से भरी जा रही है।

कहीं मरीज का मोबाइल नंबर गलत लिखा है तो कहीं पता। इससे मरीज के घर तक पहुंचने में समस्या आ रही है। डेंगू के कई मरीज ऐसे भी हैं, जो ग्वालियर में नहीं रहते लेकिन इलाज के लिए ग्वालियर आए हैं। वे पता स्थानीय रिश्तेदार का लिखवाते हैं। जबकि वास्तविकाता में वह बाहर के जिले का मरीज होता है।

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