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मास्टर प्लान 2035:कॉलोनियों में बने नर्सिंग होम से समझौते का प्रावधान, प्रेस जेल, 7 दफ्तर व बाजार शिफ्टिंग के बाद पार्किंग की प्लानिंग

ग्वालियरएक महीने पहले
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5 प्रतिशत राशि देकर मिलेगा 0.25 अतिरिक्त एफएआर, उद्योग निगम सीमा से बाहर होंगे। - Money Bhaskar
5 प्रतिशत राशि देकर मिलेगा 0.25 अतिरिक्त एफएआर, उद्योग निगम सीमा से बाहर होंगे।

शहर में बढ़ती आबादी और कारोबार को देखते हुए मास्टर प्लान-2035 में आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक एवं दूसरे सेक्टर में भी लोगों को राहत देने की कोशिश की गई है। मास्टर प्लान के प्रारूप के अनुसार पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण, पुलिस चौकी आदि सभी की सुविधाओं पर फोकस किया गया है।

साथ ही शहरी क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए उद्योगों को नगर निगम सीमा से बाहर किए जाने का प्रावधान रखा गया है। शहर में हाईराइज बिल्डिंग बनाए जाने एवं घटना-दुर्घटना के वक्त परेशानी से निपटने के लिए चौड़ी सड़क एवं ऊंची फायर ब्रिगेड की जरुरत भी मास्टर प्लान में बताई गई है।

11 बिंदुओं से समझें विकास के साथ क्या रहेगी लोगों के लिए सुविधा

1. प्रीमियम एफएआर: भूमि स्वामी को भूमि विकास नियमों के अंतर्गत जो एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) मिलता है, उसके अलावा 0.25 एफएआर अलग से मिल सकेगा। इसके लिए कलेक्टर गाइडलाइन की 5% राशि देनी होगी। 2. टीडीआर: इस प्रमाण पत्र से भूमि स्वामी किसी को भी जमीन बेच सकेगा। निर्माण परियोजनाओं में इस प्रमाण पत्र के बदले 0.25 अतिरिक्त एफएआर दिए जाने का प्रावधान रखा है।

3. बायपास हरित क्षेत्र: बायपास पर पहले से प्रस्तावित 100 मीटर हरित क्षेत्र को कम करके अब 35 मीटर किया गया है। शेष 65 मीटर क्षेत्र को मिश्रित (सभी तरह के उपयोग) उपयोग के तहत विकसित करने का प्रावधान रखा गया है।

4. हरित क्षेत्र: निवेश क्षेत्र में उपलब्ध 25 प्रतिशत वन भूमि के अंतर्गत प्रमुखता से पौधरोपण द्वारा किया जाना प्रस्तावित किया गया है। हरित क्षेत्र विकस के लिए शासकीय भूमि ही प्रस्तावित की गई है।

5. मिश्रित उपयोग: 24 मीटर एवं इससे अधिक चौड़ी सड़कों के दोनों तरफ मिश्रित भूमि उपयोग प्रस्तावित किया गया है। जिससे बाजार की मांग के अनुरूप व्यवसायिक, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के नियमानुसार निर्माण हो पाएंगे।

6. ट्रैफिक: 40 मीटर चौड़ाई वाली सड़क के दोनों तरफ 100-100 मीटर तथा 60 मीटर चौड़ी सड़कों के दोनों तरफ 200-200 मीटर दूर तक जमीन का मिश्रित उपयोग किया जा सकेगा। इन स्थानों पर लोगों को आवासीय, व्यवसायिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य आदि की सुविधा मिल पाएगी।

7. कनेक्टिंग रोड: शहर के बाहरी हिस्सों में कनेक्टिंग रोड रहेंगीं। उत्तर दिशा में पुरानी छावनी से बड़ा गांव, पूर्व में बड़ागांव से मोहनपुर से डोंगरपुर, दक्षिण में डोंगरपुर से बाराघाटा होकर बेला की बावड़ी, पश्चिम में बेला की बावड़ी से गोल पहाड़िया-बरा-मोतीझील होकर पुरानी छावनी तक सड़क का प्रस्ताव।

8. लॉजिस्टिक केंद्र: ट्रांसपोर्ट नगर से इस समय सामान का आयात-निर्यात होता है। नए प्लान में लक्ष्मणगढ़, पिपरौली, नीमचंदोहा में लॉजिस्टिक पार्क प्रस्तावित किए गए हैं। जहां से ग्वालियर की हर दिशा के क्षेत्र में सामान की आपूर्ति की जा सकेगी। 9. नर्सिंग होम: शहर की आवासीय कॉलोनियों में बड़ी संख्या में नर्सिंग होम शुरू हो गए हैं। इन्हें बंद न करते हुए समझौते के आधार पर वहां मान्यता दे दी जाएगी। इसके लिए कंपाउंडिंग का प्रावधान रखा गया है। 10. पार्किंग: शहर में पार्किंग के लिए प्रावधान रखा गया है। इसके तहत बेसमेंट में 30 वर्गमीटर, भूतल पर 30 और खुले क्षेत्र में 25 वर्गमीटर जगह पार्किंग के लिए रखी जाएगी। नए मास्टर प्लान में मशीनीकृत पार्किंग को भी मान्य किया गया है। जिससे कम जगह में अधिक वाहनों की पार्किंग हो सकेगी।

11. मध्य क्षेत्र: अभी सड़क क्षेत्र के बाद 3 से 6 मीटर की दूरी तक भवन रेखा, सड़क की चौड़ाई एवं क्षेत्रफल के अनुसार होती है। नए प्लान में प्रावधान है कि सभी सड़कों पर मार्ग के 3 मीटर के बाद भवन रेखा होगी। इससे मध्य क्षेत्र में अधिक निर्माण हो सकेगा और भवनों की एक समान लाइन रहेगी।

ये भी किए गए हैं प्रावधान

हर 3 किलोमीटर की दूरी पर एक फायर ब्रिगेड केंद्र या उपकेंद्र बनाए जाने का प्रावधान है। हर केंद्र व उपकेंद्र को कर्मचारी आवासीय परिसर के साथ बनाए जाने का प्रस्ताव है। 2035 तक शहर में 4 केंद्र एवं 4 उपकेंद्रों की जरुरत बताई गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस चौकियां बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। हर 10 से 15 लोगों की आबादी के बीच एक पुलिस चौकी बनाए जाने की जरुरत बताई गई है।

महाराज बाड़ा, दीनदयाल नगर, सिटी सेंटर, मुरार एवं उपनगर ग्वालियर में एक-एक सांस्कृतिक कला केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें सामाजिक कार्यक्रम होंगेे।

किलागेट, हजीरा, घासमंडी, मुरार का पुराना विकसित क्षेत्र स्मार्ट सिटी के अंतर्गत रखा जाएगा। इन क्षेत्रों में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम किए जा सकेंगे।

महाराज बाड़ा स्थित शासकीय प्रेस दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने के बाद इस जगह पर पार्किंग स्थल तैयार किए जाने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा केंद्रीय जेल, थाेक बाजार, दाल बाजार, नया बाजार, जीवाजीगंज, कबाड़ी बाजार, आरामिल, ब्रास मिल, जिंसी नाले की वाहर मरम्मत दुकानें दूसरी जगह शिफ्ट होने के बाद इन स्थानों का उपयोग व्यावसायिक एवं पार्किंग के लिए किया जाएगा।

रियल एस्टेट कारोबार को मिलेगी राहत

नए मास्टर प्लान में किए गए प्रावधानों के लागू होने पर रियल एस्टेट कारोबार को राहत मिलेगी। चौड़ी सड़कों पर लोग अब तक भी जमीन का मिश्रित उपयोग ही करते हैं, नए प्लान में प्रावधान से ये सब नियमानुसार हो जाएगा।

- अतुल अग्रवाल, क्रेडाई अध्यक्ष

नए प्रावधान नए क्षेत्रों का विकास करेंगे

व्यावसायिक गतिविधियों के लिए चौड़ी सड़कों पर भूमि उपयोग की बाध्यता खत्म करने का सुझाव चेंबर में ही दिया गया था। मास्टर प्लान 2035 में कई प्रावधान किए गए हैं जो रियल एस्टेट एवं नए क्षेत्रों को विकसित करेंगे।

- विजय गोयल, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स

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