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यहां कठिन है अंतिम सफर...:अब नदी में आधा डूब कर नहीं ले जानी पड़ेगी शवयात्रा, नया मुक्तिधाम बनाने मिली जगह,नोन नदी पर रपटा पुलिया बनेगी

ग्वालियरएक महीने पहले
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डबरा के खेड़ी रायमल गांव में इस तरह निकलती है शवयात्रा, नोन नदी में डूब कर जाना पड़ता है - Money Bhaskar
डबरा के खेड़ी रायमल गांव में इस तरह निकलती है शवयात्रा, नोन नदी में डूब कर जाना पड़ता है

ग्वालियर के डबरा के पास खेड़ी रायमल गांव में लोगों की अंतिम यात्रा अब नदी में डूबकर नहीं ले जानी पड़ेगी। अब गांव में नदी के पहले ही नया मुक्तिधाम बनाया जा रहा है। जिसके लिए 0.21 हेक्टेयर जमीन चयनित कर उसका कब्जा भी ग्राम पंचायत को दिला दिया गया है। साथ ही नोन नदी पर रपटा बनाने का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए भोपाल भेजा जा रहा है। यहां जिला प्रशासन का कहना है कि यह नदी के पार मुक्तिधाम वर्ष 2011 में गांव के लोगों की सहमति से ही बनाया गया था। साथ ही बारिश के समय के लिए एक अस्थायी मुक्तिधाम गांव में भी है। इसके बाद नदी के बीच से होकर शवयात्रा निकालना कोई मजबूरी नहीं है।
यह है पूरा मामला
डबरा का खेड़ी रायमल गांव में नोन नदी के किनारे बसा है। करीब 1000 वोटिंग वाला यह गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर दो दिन से काफी चर्चित हो रहा है। जिसमें स्थानीय लोग एक शवयात्रा को लेकर नदी के बीच डूब कर जा रहे हैं। यह वीडियो इतना वायरल हुआ कि भोपाल में बैठे अफसरों ने जिले के अफसरों से जवाब मांग लिया। क्योंकि जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत के माध्यम से वर्ष 2011 में नोन नदी के पार जाकर व्यवस्थित मुक्तीधाम गांव वालाें की सहमति से बनवाया था। पर यह वीडियो के इस तरह सोशल मीडिया पर डाला गया कि सरकार के विकास कार्यों पर प्रश्नचिन्ह लग गए थे। इसलिए इस पर कलेक्टर ग्वालियर ने तत्काल एक्शन लिया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ने मौके पर SDM डबरा प्रदीप कुमार शर्मा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों की टीम भेजकर वस्तुस्थिति का पता लगवाया है। टीम ने गांव में जाकर सरपंच और गांव के लोगों से बात की है।

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नदी पार कर जाना मजबूरी नहीं, अस्थायी मुक्तिधाम भी है
- इस मामले में SDM डबरा प्रदीप कुमार ने बताया कि खेड़ी रायमल गांव के लोगों की मुख्य मांग नोन नदी पर पुल- रपटा का निर्माण कराने की है, जिससे नदी भरी होने पर भी वह उस पार स्थित अपनी जमीन पर पहुंच सकें। उन्होंने बताया खेड़ी रायमल ग्राम पंचायत द्वारा ग्रामवासियों की सहमति से वर्ष-2011 में नदी पार मुक्तिधाम का निर्माण कराया गया था। नदी में पानी होने पर गांव के समीप स्थित अस्थाई श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किए जाते हैं। नदी भरी होने पर शव की अंतिम क्रिया के लिए नदी पार करने की कोई मजबूरी नहीं है।
नया मुक्तिधाम के लिए दी जमीन
-SDM प्रदीप कुमार ने बताया कि खेड़ी रायमल गांव में एक और मुक्तिधाम का निर्माण कराने के लिए लगभग 0.21 हैक्टेयर जमीन आरक्षित कर उसका कब्जा ग्राम पंचायत को दिला दिया गया है। साथ ही जनपद पंचायत डबरा द्वारा इस जमीन पर मुक्तिधाम बनवाने की कार्रवाई की जा रही है।
रपटा भी बनेगा, भोपाल भेजा जा रहा प्रस्ताव
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने खेड़ी रायमल गांव के समीप नोन नदी पर रपटा निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए भोपाल भेजने के निर्देश कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को दिए हैं। उन्होंने इस काम को गंभीरता से और प्राथमिकता के साथ अंजाम देने की भी हिदायत दी है।