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  • Innocents Were Playing With Country Crackers Lying On The Road, The Explosion Happened As Soon As They Were Thrown In The Burning Garbage, 5 Children Were Injured

पटाखे से बच्चे की आंख फूटी, हाथ के चिथड़े उड़े:ग्वालियर में सड़क पर पड़े पटाखे को जलते कचरे में फेंकते ही धमाका, 5 बुरी तरह घायल

ग्वालियर8 महीने पहले
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पटाखे से घायल रिजवान, जिसके हाथ का पंजा व एक आंख में गंभीर चोट है।

ग्वालियर में खेल-खेल में बच्चों की जान पर बन आई। बच्चों ने सड़क पर पड़े पटाखे को उठाकर पास ही जल रहे कचरे में फेंक दिया। इसके धमाके से 5 बच्चे घायल हो गए। एक बच्चे के हाथ के चिथड़े उड़ गए। उसकी आंख भी बुरी तरह जख्मी हो गई। डॉक्टर का कहना है कि उसकी एक आंख पूरी तरह खराब हो गई है। उसके हाथ का पंजा भी वापस नहीं जुड़ सकता। मामला के कुंवरपुर गांव का है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

अन्य बच्चों को भी चेहरे, शरीर पर गंभीर चोट आई है। घटना रविवार शाम 4 बजे की है। घायलों को जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में भर्ती कराया गया है। रिजवान और फरहान की हालत नाजुक है। रिजवान का एक हाथ का पंजा व आंख डैमेज हुई है। एक रात पहले यहां से बारात निकली थी, जिसमें पटाखे चल रहे थे। उसी में से एक पटाखा बिना चले रह गया था।

घायल बच्चे को भर्ती कराने ले जाते हुए।
घायल बच्चे को भर्ती कराने ले जाते हुए।

महाराजपुरा क्षेत्र के कुंवरपुर गांव में मस्जिद के पास मोहल्ले के बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान 8 साल के रिजवान खां को सड़क पर देशी पटाखा मिला। वह पटाखा को लेकर हिलाने-डुलाने लगा। पास ही अन्य बच्चे संजना (10), अजान (6), फरहान (11) और पायल (6) खड़े थे। सभी उस पटाखे से खेलने लगे। पास ही कचरे के ढेर में आग जल रही थी। बच्चों ने पटाखे को आग में डाल दिया। बच्चों को नहीं पता था कि यह पटाखा जिंदा है। उन्हें लगा कि यह सिर्फ जलेगा, पर अचानक तेज धमाका हुआ। इससे रिजवान सीधे के हाथ का पंजा तक उड़ गया। उसकी आंख में चिंगारी घुस गई। अन्य बच्चे भी बुरी तरह झुलस गए।

किसी की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी
कुंवरपुर में रहने वाले रफीक खान का कहना है कि शनिवार रात कुंवरपुर से बारात निकली थी। बारात में पटाखे चल रहे थे। उसमें से एक पटाखा बिना चला रह गया था। इसे बारात की खुशी में लोगों ने लापरवाही से वहीं छोड़ दिया। बाहर खेल रहे बच्चों ने उसे उठा लिया। इसके बाद यह हादसा हो गया।

दर्दनाक था वह दृश्य
कुंवरपुर में रहने वाले रफीक खान का कहना है कि जिस समय धमाके की आवाज आई, तो वही सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे। रिजवान के हाथ के चिथड़े उड़ गए थे। उसकी आंख से खून बह रहा था। अन्य बच्चे भी खून से लथपथ थे। वह दृश्य दिल दहला देने वाला था। सबसे पहले सोचा बच्चों को अस्पताल पहुंचा दूं।

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