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  • In 13 Months, 45,008 Drivers Broke Traffic Rules, Sent E challans To Their Homes, But Only 8,604 Deposited 39.96 Lakh Fines

आईटीएमएस की निगरानी:13 महीने में 45,008 वाहन चालकाें ने ताेड़े ट्रैफिक नियम, ई-चालान उनके घर भेजे, लेकिन सिर्फ 8,604 ने जमा किया 39.96 लाख जुर्माना

ग्वालियरएक महीने पहले
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दूसरे राज्याें में पंजीकृत वाहनाें के भी चालान बनाना शुरू, अभी तक ऐसे 25 वाहनों के चालान किए गए। - Money Bhaskar
दूसरे राज्याें में पंजीकृत वाहनाें के भी चालान बनाना शुरू, अभी तक ऐसे 25 वाहनों के चालान किए गए।

इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से ट्रैफिक नियम ताेड़ने वाले चिह्नित किए जा रहे हैं। पिछले 13 महीने में ऐसे 45,008 वाहनाें ने नियम ताेड़े। इनमें रेड लाइट जंप करना, हेलमेट न पहनना या फिर स्टाॅप लाइन के आगे गाड़ी खड़ी करना आदि शामिल हैं। इनमें से 8,604 लाेगाें ने 39 लाख 96 हजार रुपए जुर्माना जमा किया है, लेकिन शेष लाेगाें ने जुर्माना जमा नहीं किया।

स्मार्ट सिटी काॅर्पाेरेशन के अफसराें के अनुसार जुर्माने के रूप में ट्रैफिक पुलिस काे कुल 2 कराेड़ 19 लाख 8,500 रुपए मिलना चाहिए लेकिन लाेग जुर्माना जमा करने में कम रुचि ले रहे हैं इसलिए पैसा 20 फीसदी से भी कम मिला है। अब ट्रैफिक पुलिस ऐसे लाेगाें काे नाेटिस देेगी, जिन्हाेंने जुर्माने की राशि जमा नहीं की।

आईटीएमएस के जरिए दूसरे राज्यों के उन वाहनों के भी चालान किए जा रहे हैं जो ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं। अभी तक ऐसे 25 वाहनों के चालान काटकर उनके घर के पते पर पहुंचाए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वाहन ज्यादा है। क्योंकि मध्यप्रदेश में अक्सर यहां के वाहनों का आना-जाना लगा रहता है।

12 सितंबर 2020 काे चालू हुआ था सिस्टम

12 सितंबर 2020 काे चालू हुआ था सिस्टम आईटीएमएस पिछले साल 12 सितंबर को चार चौराहों पर चालू किया गया थ्रा। इसके बाद ई-चालान की कार्रवाई शुरू की गई। एक महीने पहले तक दूसरे राज्यों के वाहनों का डेटा नहीं मिलने के कारण सिर्फ मप्र के वाहनों के ही चालान बनाए जा रहे थे।

पिछले महीने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने दूसरे राज्यों का डाटा देने की स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद ग्वालियर स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर एनआईसी को दी। यह काम पूरा होते ही हर वाहन का रिकार्ड आईटीएमएस को संचालित करने वाली कंपनी के पास आ गया।

पहले संदेश फिर कोरियर से घर रवानी

चालान कटने के बाद सबसे पहले वाहन मालिक के मोबाइल पर ट्रैफिक निगमों का उल्लघंन करने पर चालान कटने की सूचना भेजी जाती है। इसके बाद दूसरे राज्य के जिस शहर का वाहन होता है। वहां पर कोरियर के माध्यम से चालान पहुंचा दिया जाता है।

जिन चालकों ने जुर्माने जमा नहीं किया है उन्हें नोटिस दिए जाएंगे

आईटीएमएस के जरिए जिन वाहन चालकों के चालान बनाए जाते हैं उन्हें फोन कर इसकी सूचना दी जाती है। कोरियर के माध्यम से भी चालान घर भेजे जाते हैं। जो लोग जुर्माने की राशि जमा नहीं कर रहे हैं उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं।

-हितिका वासल, एएसपी ट्रैफिक

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