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​​​​​​​ मप्र में नई आईटी नीति जनवरी 2022 से:सेक्टर में ग्रोथ; जाे निजी कंपनी आईटी पार्क बनाएगी, उसे पीपीपी मोड पर बाहरी जमीनें भी मिलेंगी

भोपालएक महीने पहले
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यदि नीति लागू हुई तो इस सेक्टर में पीपीपी मॉडल की शुरुआत भोपाल और जबलपुर से होगी, क्योंकि यहां क्रमश: 25 और 20 एकड़ जमीनें हैं। - Money Bhaskar
यदि नीति लागू हुई तो इस सेक्टर में पीपीपी मॉडल की शुरुआत भोपाल और जबलपुर से होगी, क्योंकि यहां क्रमश: 25 और 20 एकड़ जमीनें हैं।

आईटी सेक्टर में तेजी को देखते हुए मप्र जल्द ही इस क्षेत्र में निवेश की नई नीति लाने जा रहा है। यह जनवरी 2022 से लागू होगी। इसमें आईटी पार्क के बाहर भी पीपीपी मोड पर अब जमीनें उन निजी क्षेत्र की आईटी कंपनी को दी जा सकेंगी, जो आईटी पार्क भी बनाएंगी और शेष जमीन का उपयोग खुद के लिए कर सकेंगी। अभी पार्क बनाने और डेवलपमेंट का यह काम मप्र हाउसिंग बोर्ड करता है।

यदि नीति लागू हुई तो इस सेक्टर में पीपीपी मॉडल की शुरुआत भोपाल और जबलपुर से होगी, क्योंकि यहां क्रमश: 25 और 20 एकड़ जमीनें हैं। नीति में आईटी सेक्टर में निवेश पर मिलने वाली 12 तरह की सब्सिडी को भी ऑनलाइन पोर्टल पर लाया जाएगा। टीएंडसीपी, एफएआर, बिल्डिंग परमिशन जैसी क्लियरेंस भी सिंगल विंडों पर लाई जाएंगी। ऑनलाइन आवेदन करने पर रजिस्ट्रेशन भी ऑनलाइन हो जाएगा।

12 तरह की मिलती है सब्सिडी
इसमें 12 तरह की सब्सिडी मिलती है। इसमें पूंजीगत, ब्याज, आईटी इनवेस्टमेंट प्रोमोशन असिस्टेंस, एंट्री टैक्स एग्जम्पशन, स्टॉम्प ड्यूटी समायोजन और पेटेंट असिस्टेंस समेत अन्य शामिल हैं।

सदरलैंड भोपाल के आईटी पार्क में आएंगी
भोपाल के आईटी पार्क में अमेरिका की सदरलैंड ने भी रूचि ली है। कई बड़ी कंपनियां भी आने की तैयारी में हैं। हाल ही में आईटी मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा और विभाग के अधिकारी बैंगलुरू गए थे, जहां से अच्छा रिस्पांस मिला है। टीसीएस भी अपना एक विंग भोपाल के पार्क में खोलेगी। हालांकि इंदौर में टीसीएस और इंफोसिस ने रोजगार देने से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन किया था, बाद में आईटी मंत्री और जिला प्रशासन के साथ बैठक में दोनों आईटी कंपनियों ने वादा किया कि वो एक साल में सभी शर्तों का पूरा कर देंगी।

गौरतलब है कि टीसीएस से 50 और इंफोसिस से करीब सौ एकड़ जमीन वापस लेने की तैयारी थी। इन्हें जमीन 20 लाख रुपए प्रति एकड़ मिली है। टीसीएस को सौ एकड़ केवल 20 करोड़ में और इंफोसिस ने 130 एकड़ केवल 26 करोड़ रुपए में ली है।

कोरोनाकाल में आईटी सेक्टर की कंपनियां ही बढ़ीं

नई नीति में यह सुविधाएं इसलिए दी जा रही हैं, क्योंकि कोरोना के दौर में यही क्षेत्र है, जहां तेजी से कंपनियां आई हैं। भोपाल, इंदौर और जबलपुर के आईटी पार्क में कुल 278 प्लॉट आईटी कंपनियों व बीपीओ के लिए रखे गए थे, लेकिन पांच साल में आधे ही भर पाए थे। लेकिन जनवरी 2021 से अक्टूबर तक बचे हुए 116 प्लॉट की नीलामी हो गई। तीनों शहरों के आईटी पार्क फुल हो गए हैं। जबलपुर में एक और आईटी पार्क का प्रस्ताव है। यहां 100 एकड़ में नया पार्क बनेगा।

ऐसा होगा पीपीपी मॉडल

1. जमीन का विकास 85:15 के अनुपात में होता है तो भूमि की कीमत में 75% तक छूट मिलेगी। यानि 85% में आईटी पार्क और शेष जमीन का उपयोग संबंधित कंपनी अपने काम के लिए कर सकती है।
2. जमीन का विकास 60:40 के अनुपात में होता है तो जमीन की कीमत में 50% छूट मिलेगी।

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