पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Barricading Will Be Done By Creating Containment Zones In The Street Areas Of The Red Zone, Where There Is More Infection, Prevent The Entry Of People.

ग्वालियर में कंटेनमेंट जोन में नो एंट्री:कलेक्टर बोले- रेड जोन के जिन गली-मोहल्लों में संक्रमण ज्यादा वहां कंटेनमेंट जोन बनाकर की जाएगी बैरिकेडिंग

ग्वालियर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बेरीकेडिंग के जरिए इंसीडेंट कमांडर बनाएंगे कंटेनमेंट जोन - Money Bhaskar
बेरीकेडिंग के जरिए इंसीडेंट कमांडर बनाएंगे कंटेनमेंट जोन
  • कलेक्टर ग्वालियर ने बैठक कर इंसीडेंट कमांडर को दिए निर्देश

ग्वालियर में कई गुना तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने अब बैरिकेड्स का सहारा लिया जाएगा। रविवार को कलेक्टर ग्वालियर ने इंसीडेंट कमांडरों के साथ आपात बैठक कर बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि जिन गली-मोहल्लों में अधिक संख्या में कोरोना मरीज मिलें, उन गली-मोहल्लों में बैरिकेडिंग कर कंटेनमेंट जोन बनाएं, जिससे कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके। कंटेनमेंट जोन के काम को गंभीरता से लें, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कलेक्टर ने अफसरों की बैठक
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कलेक्टर ने अफसरों की बैठक

सहयोग न करने पर कड़ी कार्रवाई करें
- रविवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में हुई बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सभी इंसीडेंट कमाण्डर को निर्देश दिए कि बैरिकेड्स के काम में असहयोग करने वाले नगर निगम के जेडओ एवं लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। अभियान के तौर पर कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं सभी इंसीडेंट कमाण्डर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग का निरीक्षण करेंगे। साथ ही गली मोहल्लाें में भी जो लोग कनटेंनमेंट बनाने में बाधा उत्पन्न करें तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाए।
रेड जोन के गली मोहल्लों पर रखें निगरानी
- शहर के जिन इलाकों को रेड जोन में रखा गया है मतलब वहां कोरोना संक्रमण तेजी से फैला है। उन गली-मोहल्लों को चिन्हित कर वहां कंटेनमेंट जोन बनाकर आम लोगों की आवाजाही रोकी जाए। जिससे संक्रमण न फैले। इंसीटेंट कमांडर इन कंटेनमेंट जोन की निगरानी की जिम्मेदारी लें।
संक्रमित आने वालों पर नजर रखें
कलेक्टर सिंह ने इंसीडेंट कमाण्डर को यह भी निर्देश दिए कि हर शाम को जांच रिपोर्ट के आधार पर कोरोना पेशेंट की जानकारी मिलते ही मरीजों से संपर्क किया जाए। साथ ही इंसीडेंट कमाण्डर अपनी टीम में शामिल डॉक्टरों के माध्यम से मरीजों से चर्चा कराकर यह सुनिश्चित करें कि किस मरीज को होम आइसोलेशन और किसे अस्पताल या कोविड केयर सेंटर में रखा जाना है। उन्होंने कहा सभी मरीजों तक जल्द से जल्द दवाओं की किट पहुंचाई जाना चाहिए। साथ ही शतप्रतिशत मरीजों के घर पर भ्रमण कर पर्चा चिपकवाएं और दवाओं के साथ मरीज को गाइडलाइन का पेम्प्लेट भी आवश्यक रूप से दें, जिसमें सभी टेलीफोन नम्बर हों ताकि मरीज को यदि कोई परेशानी हो तो वह उन फोन नम्बर पर संपर्क कर अस्पताल पहुंच सके।

खबरें और भी हैं...