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आखिर ऐसी भी क्या जल्दी:जल्दबाजी में डॉक्टर ने गाड़ी मे ही कर दिया बकरी का पोस्टमार्टम,चार बकरियों का PM करने से फैली दुर्गंध, दूर खड़े हो गए लोग

मुरैना2 महीने पहले
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लोडिंग गाड़ी में पीएम करते चिकित्सक - Money Bhaskar
लोडिंग गाड़ी में पीएम करते चिकित्सक
  • सात बकरी ने जहर छिड़का पौधा खाया था, इसमें चार की मौत हो गई और तीन की हालत खराब है

जिला पशु चिकित्सालय में पशुओं का खुले में पोस्टमार्टम करने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि पशु चिकित्सक ने जल्द बाजी में उनका पोस्टमार्टम उसी लोडिग गाड़ी में कर दिया जिसमें उनको लाया गया था।
मामला इस प्रकार है कि, बीती रात कैथोदा गांव में चार बकरी की मौत हो गई तथा तीन की हालत खराब है। इन सातों बकरी ने जहर भरा चारा खा लिया था। जिसकी वजह से उनकी यह हालत हो गई। मृत चारों बकरी को आज, पशु चिकित्सालय में लाया गया तथा पीएम हाउस में गाड़ी यह सोचकर खड़ी कर दी कि जब डॉक्टर साहब आएंगे तो उतारकर कमरे में ले जाया जाएगा। दोपहर 2 बजे के लगभग डॉक्टर साहब आए। उन्होंने चारों बकरी को अन्दर न ले जाते हुए उसी लोडिंग गाड़ी में ही उनका पोस्टमार्टम कर दिया। वहीं उनका पेट फाड़कर उसमें से बिसरा निकाल लिया। एक दो बकरी के पेट में बच्चे भी थे, वह मर चुके थे, उन्हें भी निकाल फैंका। यह सब देखकर वहां मौजूद लोग बदबू की वजह से खड़े नहीं हो सके तथा इधर-उधर खिसक लिए।
बकरी मालिक ने जहर देने का लगाया आरोप
बकरियों के मालिक बच्चू पुत्र बैजनाथ कुशवाह ने बताया कि बकरियां खेत में चरने गईं थीं। घर वापस आने पर उनकी मौत हो गई। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि बढ़पुरा गांव के कप्तान कुशवाह ने खेत व सड़क के किनारे जहर भरी दवा का छिड़काव कर दिया था। खेत पर चरने गई सातों बकरी ने घास-फूस खा लिया था जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। मृत बकरियों को लेकर वह सुबह 8 बजे जिला पशु चिकित्सालय पहुंच गया। वहां वह डॉक्टर का इंतजार करता रहा। डॉक्टर बहुत देरी से आए व दोपहर लगभग 1 बजे आए। उसने उनसे बकरी का पोस्टमार्टम करने को कहा। इस पर डॉक्टर ने पीएम हाउस में अन्दर न ले जाकर लोडिंग ऑटो में ही चारों बकरी का पोस्टमार्टम कर दिया तथा उनका बिसरा निकाल कर जांच के लिए भेज दिया। बकरी मालिक अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ कोतवाली थाना पहुंचा लेकिन वहां उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
खुले में पीएम से फैली दुर्गंध
खुले में पीएम करने से दुर्गंध फैल गई जिससे वहां खड़े लोग दूर हट गए। कुछ लोगों ने कहा कि एसी भी क्या जल्दी थी कि उन बकरी का लोडिंग गाड़ी में ही पीएम कर बिसरा निकाल लिया गया। बताया जाता है कि डॉक्टर ग्वालियर रहते हैं तथा आज उन्हें अाने में देरी हो गई थी, जिसकी वजह से उन्होंने आनन-फानन में बकरी का लोडिंग में ही पीएम कर डाला।
नहीं है व्यवस्थाएं
इस संबंध में पशु चिकित्सालय के सहायक, पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी राजकुमार आर्य का कहना है कि जानवरों का खुले में पीएम करने का नियम तो नहीं है, लेकिन हम लोगों की यह मजबूरी है। पशु चिकित्सालय में पीएम करने के लिए पर्याप्त कमरा नहीं है जिसकी वजह से खुले में पीएम कर देते हैं।

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