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कोरोना की बढ़ती रफ्तार का असर:मेडिकल कॉलेज भवन में ओपीडी बंद, पूरा वार्ड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित

दतिया4 महीने पहले
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  • सोमवार से जिला अस्पताल के भवनों में संचालित होगी ओपीडी, जरूरी हो तो ही जाने की सलाह

कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या अब खतरा बन रही है। 25 दिसंबर से अब तक 14 हजार 721 सैंपल लिए गए हैं, जिसमें से 299 लोग पॉजिटिव आए। इनमें 1 जनवरी से 8 जनवरी तक मरीजों के पॉजिविलटी काफी कम रही। सिर्फ 50 लोग ही पॉजिटिव निकले। 9 जनवरी से रफ्तार ऐसी बढ़ी कि सप्ताह भर में ही 244 लोग पॉजिटिव आए। सबसे ज्यादा कोरोना मरीज शुक्रवार को निकले थे। इस दिन सबसे ज्यादा 60 मरीज सामने आए थे। लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के नवीन भवन में संचालित ओपीडी को बंद करने का फैसला किया है।

इस तीन मंजिला पूरे भवन को कोविड वार्डों के लिए आरक्षित किया गया है। यही नहीं इसी में कोविड वार्ड है और इसी में ओपीडी संचालित होने से दूसरे लोगों के संक्रमित रहने का खतरा था। यहां ओपीडी बंद होने से यह खतरा भी नहीं रहेगा। मेडिकल कॉलेज का जिला अस्पताल में नया ओपीडी भवन बना है। भवन काफी बड़ा है और चार मंजिला है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर इसी में मरीजों का चेकअप करते हैं। चार साल से यहां ओपीडी संचालित हो रही है। पर्चा काउंटर और कोविड टेस्ट कक्ष भी आसपास 50 कदम के दायरे में बिल्डिंग के अंदर हैं।

पहली बार साल 2020 में जब महामारी आई तो इसी बिल्डिंग के ऊपर कोविड वार्ड बनाए गए थे। जब मरीज बढ़े तो पूरी बिल्डिंग को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया गया था। अप्रैल 2021 में भी यही हुआ। अप्रैल महीने में दूसरी लहर में इस बिल्डिंग को करीब तीन महीने तक ओपीडी के लिए बंद रखा गया था। अब फिर से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 65 बेड का आईसीयू और एचडीयू है। जबकि 160 ओटू बेड की व्यवस्था है। जिला अस्पताल में 20 बेड का आईसीयू, 50 बेड का ओटू बेड, 50 बेड जीएनएमटीसी के अलावा लॉर्ड कृष्णा हॉस्पिटल, वेदिका मल्टिस्पेलिटी, रावतपुरा कॉलेज, कृष्णा हॉस्पिटल आदि में भी बेड की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज के वार्ड में वर्तमान में तीन मरीज भर्ती भी हैं।

पुराने भवन में यहां संचालित होंगीं ओपीडी

मेडिसिन ओपीडी- पुरानी मैटरनिटी कमरा नंबर 2 सर्जरी ओपीडी- पुरानी मैटरनिटी कमरा नंबर 3 नाक कान गला विभाग- पुरानी ओपीडी कमरा नंबर 1 दांत रोग - पुराना ओपीडी ब्लॉक कमरा नंबर 06 हड्डी रोग विभाग- ट्रामा सेंटर बेहोशी जांच केंद्र- ट्रामा सेंटर छाती एवं क्षय रोग विभाग ओपीडी- कमरा नंबर 18, पुराना ओपीडी ब्लॉक एनिमल बाइट क्लिनिक - आयुष्मान कक्ष के बगल से चर्म रोग विभाग- नई मैटरनिटी विंग के प्रथम तल शिशु रोग विभाग- बच्चों की आईसीयू बिल्डिंग

नवीन ओपीडी में कोरोना के लिए की गईं यह व्यवस्थाएं

  • नवीन ओपीडी भवन में फीवर क्लिनिक बनाई गई है। यहां कोरोना संभावित मरीजों की जांच होगी।
  • ट्राएज रूम- कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए, इस कमरे में पॉजिटिव मरीजों को किस जगह इलाज करना है यह तय किया जाता है।

पूरी बिल्डिंग अब कोविड के लिए आरक्षित की है

नवीन ओपीडी भवन को कोविड भवन के रूप में तब्दील किया गया है। चूंकि एक साथ ओपीडी संचालित होने से दूसरे मरीजों के संक्रमित रहने का खतरा रहता था। इसलिए यह निर्णय लिया गया है। कलेक्टर साहब के निर्देश पर पूरी बिल्डिंग अब कोविड के लिए आरक्षित है। पुरानी ओपीडी में ओपीडी शुरू की गई है। ज्यादा जरूरी होने पर ही लोग अस्पताल आएं और बिना मास्क के तो कतई न आएं। कोरोना से बचने के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। डॉ. हेमंत कुमार जैन, सह-अधीक्षक मेडिकल कॉलेज

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