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एम्बुलेंस नहीं आई, फिर डॉक्टर नहीं मिला:छिंदवाड़ा में गर्भवती को ग्रामीणों ने खाट पर डालकर नदी पार कराई; अस्पताल में कोई नहीं मिला, देरी से गर्भ में बच्चे की मौत

छिंदवाड़ा4 महीने पहले
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ऊपर दिख रही तस्वीर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव ब्लॉक की है जो ग्रामीणों का दर्द बयां कर रही है। टेकाड़ाना पंचायत के चिकलभाटा गांव में सिस्टम की लापरवाही ने एक मां ने गर्भ में ही अपने बच्चे को खो दिया। नदी पर पुल न होने की वजह से जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने गांव में आने से इनकार कर दिया। परिवार ने जान जोखिम में डालकर गर्भवती को डिलीवरी के लिए खटिया पर लाद कर नदी पार कराई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां डॉक्टर और नर्स नहीं मिले। देरी होने की वजह से गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई।

चिकलभाटा गांव से मुख्य मार्ग के बीच एक बरसाती नदी है, जिस पर पुल न होने के कारण बारिश के दिनों में यहां के लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ती है। सोमवार को गांव के अमरलाल की बेटी पिंकी को प्रसव पीड़ा हुई तो उन्होंने जननी एक्सप्रेस को कॉल किया, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए कोई मार्ग न होने के कारण जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने गांव तक आने के लिए इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पिंकी को खाट पर लादकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए नदी पार कराई, तब कहीं जाकर वह स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच पाई।

अस्पताल जाते-जाते हो गई बहुत देर

ग्रामीणों ने भले ही अपनी जान जोखिम में डालकर प्रसव पीड़ा झेल रही पिंकी को नदी पार करा दी हो, लेकिन ग्रामीणों का यह जोखिम भी कोई काम नहीं आया। पिंकी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेकाढाना ले जाया गया तो, वहां कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके बाद तत्काल जननी एक्सप्रेस से उसे रामपुर स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन जब तक यहां पिंकी पहुंची तो काफी देर हो चुकी थी। पिंकी के गर्भ में ही उसके नवजात ने दम तोड़ दिया। फिलहाल डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में एडमिट कर लिया है तथा उसका उपचार जारी है।

सुरक्षित प्रसव के लिए मायके आई थी पिंकी

दरअसल, चिकलभाटा निवासी अमरलाल की लड़की पिंकी का विवाह बैतूल में हुआ है। वह है सुरक्षित प्रसव के लिए बैतूल से अपने मायके चिकलभाटा आई थी, लेकिन यहां भी उसका प्रसव सुरक्षित नहीं हो सका।

बच्चों के शिक्षा में भी बाधा बनी भड़कदा नदी
चिकल भाटा गांव और टेकाढाना के बीच से बहने वाली नदी की चौड़ाई करीब 110 मीटर होने और बारिश में पानी का तेज बहाव होने की वजह से ग्रामीणों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चिकलभाटा में सिर्फ प्राइमरी स्कूल है। बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए टेकाढाना जाना पड़ता है, लेकिन बारिश में भड़कदा नदी का तेज बहाव छात्र छात्राओं और शिक्षकों मार्ग में बड़ी बाधा बनता है।

ग्रामीणों ने इस समस्या को हल करने के लिए अफसरों और कांग्रेस विधायक सुनील उइके को भी आवेदन दिया है। चुनाव में आने वाले नेताओं ने भी हकीकत देखी, लेकिन सर्वे से आगे पुल पर काम नहीं हो सका।