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लिफ्ट बंद:गर्भवती को महिलाओं ने गोद में पहुंचाया वार्ड तक, पाइपलाइन से ऑक्सीजन भी हुआ लीक

छतरपुर2 महीने पहले
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जिला अस्पताल की आवश्यक सेवा कार्य में लगे 55 आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार से काम बंद हड़ताल पर हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा पिछले 6 माह से इनके मानदेय का भुगतान नहीं किया है। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से लिफ्ट, ऑक्सीजन, इलेक्ट्रिकल और पंप हाउस जैसी सुविधाएं प्रभावित हो रही है। इसलिए अस्पताल में भर्ती मरीज, परिजन, डाॅक्टर सहित अन्य स्टाफ परेशान हो रहा है। बता दें कि जिला अस्पताल में आवश्यक सेवा कार्य के लिए 55 आउटसोर्स कर्मचारी नियुक्त किए हैं।

जिनका पिछले 6 माह से अस्पताल प्रबंधन द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किया। इस दौरान इन कर्मचारियों ने कई बाद प्रबंधन को आवेदन सौंपते हुए मानदेय भुगतान की मांग की, लेकिन बजट के अभाव में इनका भुगतान नहीं हो सका है। अब यह कर्मचारी पिछले मंगलवार से काम बंद हड़ताल पर हैं। यह कर्मचारी जिला अस्पताल में मौजूद आवश्यक कार्य जैसे ऑक्सीजन, इलेक्ट्रीकल, पंप हाउस, पैथालॉजी, कम्प्यूटर और लिफ्ट संबंधी कार्य कर डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, मरीज के साथ परिजन को यह सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।

जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित महिला सर्जिकल वार्ड के पलंग 13 पर ऑक्सीजन लाइन बुधवार की सुबह लीक हो गई। जिससे ऑक्सीजन रिसने लगी। लेकिन सभी आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर होने से लाइन में सुधार कार्य नहीं हो सका। जब वार्ड के मरीजों ने इस बात की शिकायत की तो नर्सिंग स्टाफ ने उसमें कपड़े का टेप लगा दिया। ताकि वार्ड के मरीजों को ऑक्सीजन रिसाव से किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो।

चमरुआ पुरवा के धर्मेंद्र अहिरवार ने बताया कि वह पत्नी का प्रसव कराने जिला अस्पताल पहुंचा। जिसे इमरजेंसी डॉक्टर ने देखने के बाद आगे के इलाज के लिए डिलीवरी वार्ड में भर्ती कर दिया। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पांच मंजिला भवन की सभी लिफ्ट बंद हैं। जिससे परिवार की महिलाएं उसे मजबूरन सीढ़ियों के सहारे ले वार्ड तक ले गईं। युवक ने बताया कि पत्नी को पहले लिफ्ट से ले जाने का प्रयास किया, पर नहीं जा सके। इसके बाद परिवार की दो महिला पत्नी को पकड़कर पहली मंजिल तक ले गईं।

इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार का कहना है कि पिछले दिनों आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय जल्द दिए जाने प्रदेश शासन को पत्र लिखा था। जिस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए बजट भेज दिया है। बुधवार को सभी 55 कर्मचारी का मानदेय जल्द दिए जाने 36 लाख 88 हजार 68 रुपए का वाउचर बनाकर ट्रेजरी कार्यालय को भेज दिया है। एक या दो दिन के अंदर सभी कर्मचारियों के लंबित मानदेय का भुगतान हो जाएगा।

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