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करंट लगाकर डॉक्टर पति की हत्‍या:ममता पाठक ने ड्राइवर से कहा था, आज मैने बहुत बड़ी गलती कर दी, यही बयान बना सजा का आधार

छतरपुर2 महीने पहले
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डॉ. नीरज पाठक परिवार के साथ। (फाइल फोटो) - Money Bhaskar
डॉ. नीरज पाठक परिवार के साथ। (फाइल फोटो)

न्यायालय ने 14 माह पहले हुई वारदात में दिया फैसला, पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में बिजली का करंट लगने से मौत होने की बात आई सामने शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर नीरज पाठक की हत्या करने के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार देवलिया छतरपुर की कोर्ट ने मृतक की पत्नी असिस्टेंट प्रोफेसर ममता पाठक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि 1 मई 2021 को ममता पाठक ने थाना सिविल लाइन में सूचना दी थी कि उनके पति डॉ. नीरज पाठक 29 अप्रैल 2021 को ऊपर वाले कमरे में लेटे थे। रात करीब 9 बजे वह उनसे खाना खाने के लिए पूछने कमरे में गयी तो पति पलंग पर लेटे थे और मेरी बात का जवाब नहीं दे रहे थे।

उनकी मृत्यु हो गई थी। ममता पाठक ने बताया कि पति को 7-8 दिन से बुखार आ रहा था। मुझे और मेरे बेटे को भी बुखार आ रहा था, तब मैं 30 अप्रैल 2021 की सुबह अपने बेटे नीतीश के साथ इलाज कराने झांसी चली गई थी और रात्रि में वापस आयी। सूचना पर थाना सिविल लाइन में मर्ग कायम कर जांच की गई।

पीएम में चिकित्सकों ने करंट से मौत होने संबंधी दिया अभिमत

जांच के दौरान मृतक डॉ. नीरज पाठक का पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे में चिकित्सकों ने डॉ. नीरज पाठक की मृत्यु बिजली का करंट लगने से होने संबंधी अभिमत दिया गया। पीएम रिपोर्ट आने पर थाना सिविल लाइन द्वारा अज्ञात आरोपी के विरूद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

दौरान विवेचना ज्ञात हुआ कि ममता पाठक द्वारा अपने पति को प्रताड़ित किया जाता था एवं आए दिन विवाद को लेकर ही अपने पति डॉ. नीरज पाठक को बिजली का करंट लगाकर हत्या की गई है। विवेचना के बाद अाराेपी ममता पाठक के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

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