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  • 26 Marriage Gardeners Did Not Leave Space For Parking; The Situation Of Jam Is Created In 2 Marriages, The Administration Has Not Made A Guide Line

5 साल में 25 नोटिस भी बेअसर:26 मैरिज गार्डन वालों ने पार्किंग के लिए नहीं छोड़ी जगह; 2 शादियों में बनती है जाम की स्थिति, प्रशासन ने नहीं बनाई गाइड लाइन

विदिशा4 महीने पहले
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शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। कोरोना काल के करीब 2 साल बाद पहली बार ऐसा मौका आ रहा है जब इस सीजन में लोगों ने सबसे ज्यादा संख्या में शादियों की तैयारी की है। शहर में 40 से ज्यादा मैरिज गार्डन और 28 धर्मशालाएं मेन रोड और मार्केट एरिया में ही स्थित हैं। अधिकांश मैरिज गार्डन के पास 35 फीसदी ओपन एरिया नहीं है। इस कारण बारात निकलते समय मेन रोड पर ही जाम लगता है।

प्रशासन ने अभी तक मैरिज गार्डन वालों के लिए कोई गाइड लाइन नहीं बनाई है। इस कारण लोगों को आवागमन में असुविधा होती है। हालांकि नगरपालिका प्रशासन ने पिछले 5 साल में 25 बार नोटिस जारी किए हैं, इसके बाद भी 26 मैरिज मैरिज गार्डन वालों ने पार्किंग के लिए नियमानुसार 40 फीसदी ओपन एरिया नहीं छोड़ा है। केवल 14 मैरिज गार्डन वालों ने ही पार्किंग के इंतजाम किए हैं।

नोटिस देकर कार्रवाई ठंडे बस्ते में
पार्किंग की समस्या को लेकर नगरपालिका द्वारा गार्डन संचालकों को 5 साल में 25 बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। हर बार सिर्फ नोटिस तक ही प्रशासन की कार्रवाई सीमित रहती है। सख्ती के साथ कदम नहीं उठाए जाने के कारण जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

स्टैंड से लेकर ईदगाह तक लगाएंगे मोबाइल पाइंट
ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज आशीष राय के मुताबिक शहर के मैरिज गार्डनों में पार्किंग की पर्याप्त जगह नहीं है। ट्रैफिक इंचार्ज का भी मानना है कि पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होना ट्रैफिक समस्या का बड़ा कारण है। हालांकि वे बस स्टैंड से लेकर ईदगाह चौराहे तक मोबाइल पाइंट लगाएंगे। यदि कहीं जाम लगेगा तो वे स्वयं भी मौजूद रहेंगे।

ईदगाह से लेकर दुर्गानगर चौराहे तक बारात निकलने पर लगता है जाम
शहर के मेन रोड और मार्केट एरिया में ही अधिकतर मैरिज गार्डन और धर्मशालाएं हैं। शादियों के दौरान मेन रोड पर जाम की समस्या सबसे अधिक रहती हैं। शादियों का सीजन होते ही स्वामी विवेकानंद चौराहे से लेकर दुर्गानगर चौराहे तक शाम से ही जाम लगना शुरू हो जाता है। यह स्थिति शाम को 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक बनी रहती है।

सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग होने के कारण अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। विदिशा-भोपाल मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है। इस मार्ग पर स्थित कई मैरिज गार्डनों में पार्किंग की पर्याप्त जगह नहीं है। साल भर में औसत 60 दिन शादियों के मुहूर्त होते हैं। इन दिनों में मैरिज गार्डनों के आसपास के मार्गों पर ट्रैफिक की समस्या रहती है। खास मुहूर्तों में तो एक ही दिन में लगभग सभी गार्डन बुक रहते हैं।

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