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फिर कोल्ड डे:दिन का तापमान 4.4 डिग्री गिरकर 15.6 पर आया, आर्द्रता अधिक होने से छाया घना कोहरा

रायसेन4 महीने पहले
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शहर में दिन भर  छाया घना कोहरा - Money Bhaskar
शहर में दिन भर छाया घना कोहरा
  • सीजन में पहली बार दृश्यता 100 मीटर से कम 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली शीतलहर

सीजन का सबसे घना कोहरा रविवार को शहर में रहा। कोहरा इतना घना था कि सुबह 7 बजे करीब 100 मीटर की दूरी पर दृश्यता जीरो और 50 मीटर की दूरी पर दृश्यता 20 प्रतिशत थी। वही हवा की रफ्तार भी 16 किमी/ँघंटा रही। इस स्थिति में थोड़ी दूरी पर भी चल रहे वाहन दिखाई नहीं दे रहे थे, उनकी जलती लाइट ही दिखाई दे रहीं थी। दृश्यता कम होने से आम दिनों के मुकाबले वाहनों की गति भी बहुत कम रही। वाहन चालकों के मुताबिक घने कोहरे में 20 किमी घंटे के रफ्तार से भी बमुश्किल वाहन चला पा रहे थे। यह भी वाहन की लाइट जलाने के बाद।

सुबह से छाए घना कोहरा बाद धीरे-धीरे कम तो होता गया, लेकिन दोपहर 3 बजे तक शहर सहित सूरज को भी अपने आगोश में रखा। इसके चलते बर्फीली हवा ने लोगों को कंपकंपाने को मजबूर कर दिया। वहीं दूसरी और रात का तापमान एक दिन पहले 9 डिग्री दर्ज किया गया था, जो दूसरे दिन रविवार को 1.5 डिग्री गिरकर 7.5 डिग्री पर आ गया। दिन का तापमान सामान्य से 10 डिग्री कम रहा। रविवार को तापमान में 4.4 डिग्री की गिरावट दर्ज होकर 15.6 पर आया गया। इसके चलते कोल्ड डे रहा।

बर्फीली हवा चलने से रात का तापमान 1.5 डिग्री गिरकर 7.5 डिग्री पर आ गया

कृषि वैज्ञानिक: कम धूप से फसलों में आया पीलापन
जिले में 4 लाख 27 हजार हेक्टेयर रकबे में रबी की बोवनी की गई है। इनमें 2 लाख 63 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं,1 लाख 26 हजार हेक्टेयर रकबे में चना और 30 हजार हेक्टेयर में मसूर की बोवनी की गई है। इस तरह से रबी की मुख्य फसल गेहूं और चना है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ स्वप्निल दुबे के मुताबिक अधिक ठंड और शीतलहर चलने अधिक समय तक कोहरा छाने की स्थिति में फसलों में कुछ पीला पन आने लगता है। फसलों को धूप कम मिलने पर ऐसी स्थिति बन जाती है। हालांकि कम ही जगह ऐसी है।

किसानों की बात: बारिश से गेहूं में लाभ
मेहगांव के किसान बृजेंद्र बघेल के मुताबिक बीते दिनों हुई बारिश से गेहूं की फसल को तो फायदा हुआ है, लेकिन जहां चने की फसल पर फूल आ रहा था, वहां फूल झड़ा है और बारिश के बाद फिर से नया फूल आना शुरु हो गया। चने के पौधे अभी अधिक बढ़ गए, लेकिन यदि अब फिर बारिश होती है तो चने की फसल बांझ होने की संभावना बढ़ जाएगी।

सेहत की बात: सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज अधिक
जिला अस्पताल में शनिवार के दिन ही करीब 500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आए थे। इनमें करीब 60 प्रतिशत से अधिक संख्या सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की है। इस तरह से तेज ठंड लोगों की सेहत पर भी असर डाल रही है। डॉ. यशपाल बाल्यान के मुताबिक ठंड में दिल और श्वांस से संबंधित मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है।

मौसम में आगे: 2-3 दिन बाद बढ़ने लगेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिक पीके साहा के मुताबिक हवा में आर्द्रता अधिक होने के कारण घना कोहरा छा रहा है। उत्तर से ठंडी हवा चल रही है। आगामी दो से तीन दिनों तक और अधिक ठंड रहने वाली है। इसके बाद ही तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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