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ये है शहर का पहला पूरी तरह स्वच्छ हॉकर्स कॉर्नर:हर दुकान के सामने दो डस्टबिन, होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ने दी हाइजीन की ट्रेनिंग

भोपाल4 महीने पहले
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शाहपुरा हॉकर्स कॉर्नर को मिली नई पहचान। - Money Bhaskar
शाहपुरा हॉकर्स कॉर्नर को मिली नई पहचान।

शाहपुरा हॉकर्स कॉर्नर पर जाने वाले ग्राहक अब एक अलग ही अनुभव लेकर आ रहे हैं। यहां हर हॉकर ने दो अलग-अलग डस्टबिन रखी हैं और कचरे का पूरा सेग्रीगेशन हो रहा है। इसका एक फायदा यह हुआ कि फूड स्टॉल्स के आसपास होने वाली गंदगी पूरी तरह खत्म हो गई है।

एक तरह से यह भोपाल का पहला पूरी तरह स्वच्छ हॉकर्स कॉर्नर बन गया है। कुछ एक स्टॉल पर लगे बोर्ड भी लोगों को स्वच्छता की बड़ी सीख दे रहे हैं। इन बाेर्ड पर लिखा है कि ‘आपकी पढ़ाई का कोई महत्व नहीं रह जाता है यदि आपके द्वारा फैलाया गया कचरा अगली सुबह कोई और उठाता है। शिक्षित हो तो समझदार बनो।’

अब फूड स्टॉल्स के आसपास गंदगी नहीं

यहां के ज्यादातर हॉकर्स संचालकों को होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ने फूड प्रिपरेशन के साथ हाइजीन की भी ट्रेनिंग दी है। इस हॉकर्स कॉर्नर पर शाम के समय में बड़ी संख्या में लोग खाने का लुत्फ उठाने आते हैं।

जब स्वच्छता की बात की तो बनता गया कारवां

कुछ साल पहले तक नगर निगम यहां हर साल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल आयोजित करता था, लेकिन पिछले दो सालों में कोरोना के कारण इस हॉकर्स कॉर्नर से निगम का ध्यान हट गया था। पिछले दिनों निगम के कुछ स्वच्छाग्रही यहां गए और उन्होंने सफाई की स्थिति को देखा।

इसके बाद उन्होंने एक-एक हॉकर्स से बात की, उन्हें दो डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित किया। दो-तीन दिन में सभी हॉकर्स के पास दो-दो डस्टबिन रखी गईं। शनिवार को निगम कमिश्नर वीएस चौधरी कोलसानी यहां गए थे और उन्होंने एक-एक हॉकर्स से बात की।

गीले कचरे से खुद बनाएं कंपोस्ट- होटल, मैरिज गार्डन को नोटिस -सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें

निगम शहर के हर बड़े होटल, मैरिज गार्डन, सब्जी मंडी और बड़ी काॅलोनियों को नोटिस दे रहा है। इसमें उनसे सूखे और गीले कचरे को सेग्रीगेट करने और गीले कचरे से खुद ही कंपोस्ट बनाने को कहा है। इसके साथ ही उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने को भी कहा जा रहा है।

निगम इन बल्क वेस्ट जनरेटर से केवल सूखा कचरा ही लेगा। स्वच्छ सर्वे की गाइडलाइन के अनुसार ऐसे संस्थान और रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जहां एक दिन में 50 किलो गीला कचरा जनरेट होता है उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की कैटेगरी में रखा जाता है। बल्क वेस्ट जनरेटर को गीले कचरे की खुद ही प्रोसेसिंग करना जरूरी है। शहर में 100 बल्क वेस्ट जनरेटर चिह्नित हैं।

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