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मंडे पॉजिटिव:मप्र हाॅकी अकादमी के तीन सितारे- काेनेन, अहद और मुदस्सर... परिवार में  हॉकी खेलने वाली यह तीसरी पीढ़ी

भाेपालएक महीने पहलेलेखक: रामकृष्ण यदुवंशी
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समीर दाद और कोनेन दाद। - Money Bhaskar
समीर दाद और कोनेन दाद।

भोपाल में सोमवार से शुरू हो रही पहली जूनियर इंटर अकादमी नेशनल हाॅकी चैंपियनशिप में उतरने वाली मप्र हाॅकी अकादमी में 3 सितारे ऐसे हैं, जिन्हाेंने घर में ही हाॅकी की बाराखड़ी सीखी और आज नेशनल प्लेयर हैं। यह खिलाड़ी हैं- काेनेन दाद, मुदस्सर कुरैशी व अब्दुल अहद। तीनाें के पिता इंटरनेशनल प्लेयर रहे हैं। इनमें काेनेन दाद भाेपाल के हाॅकी ओलिंपियन समीर दाद के बेटे हैं।

दादा खुदा दाद भी 60 के दशक में भाेपाल के लाेकप्रिय फॉरवर्ड रहे हैं। दूसरे, अब्दुल अहद के पिता अजीज 80 के दशक में भारतीय टीम के खिलाड़ी रहे हैं। अहद के दादा अब्दुल खालिद भी नेशनल प्लेयर रहे। ऐसे ही ग्वालियर के मुदस्सर कुरैशी के पिता हसरत कुरैशी 90 के दशक में भारत के लिए खेले। इस परिवार के 6 सदस्य नेशनल खेले हैं।

समीर दाद और कोनेन दाद- दादा ही पिता का मैच दिखाने ले जाते थे

काेनेन दाद जब छाेटे थे, तब उन्हें दादा खुदा दाद ही पिता समीर दाद का मैच दिखाने ऐशबाग ले जाते थे। घर पर भी हाॅकी की ही चर्चा हाेती थी, क्याेंकि दादा 60 के दशक में नेशनल प्लेयर रहे। पिता समीर 90 के दशक में भारतीय टीम के खिलाड़ी रहे, इसलिए काेनेन काे हाॅकी सीखने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। समीर ओलिंपिक के अलावा जूनियर सीनियर वर्ल्डकप व 98 एशियाड के गाेल्ड मेडलिस्ट भी हैं।

अब्दुल अजीज और अब्दुल अहद- खेल नहीं, पढ़ाई कराना चाहते थे पिता

अब्दुल अहद मेजर ध्यानचंद के शहर झांसी से हैं। पिता अब्दुल अजीज 80 के दशक में इंटरनेशनल प्लेयर रहे। बेटे काे वे पढ़ाई कराना चाहते थे। जब अहद काे खेलने से मना किया ताे उन्हाेंने इसकी शिकायत सीनियर खिलाड़ी जफर इकबाल व अशाेक ध्यानचंद से कर दी, क्याेंकि उनका अहद के घर आना-जाना था। इन दाेनाें दिग्गजाें ने अजीज काे बेटे काे हाॅकी खेलने काे कहा, तब उन्हाेंने अहद काे हाॅकी दी।

मुदस्सर और हसरत कुरैशी- ग्राउंड घर के पास, वहीं सीखा हॉकी का हुनर

मुदस्सर के पिता हसरत कुरैशी 90 के दशक के इंटरनेशनल प्लेयर रहे हैं। कुरैशी परिवार ग्वालियर में ग्राउंड के पास ही रहता है, इसलिए हाॅकी का हुनर सीखने में ज्यादा समय नहीं लगा। हसरत के दाे बड़े भाई नेशनल हाॅकी प्लयेर रहे हैं। उनके 3 भतीजे भी हाॅकी खेल रहे हैं। अरमान कुरैशी ताे इंटरनेशनल प्लेयर हैं। यही वजह रही कि मुदस्सर काे हाॅकी सीखने में देर नहीं लगी और आज वह मप्र का हिस्सा हैं।