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NLIU स्टूडेंट के नाम पर गोल्ड मेडल:2013 में एक्सीडेंट में हो गई थी मौत; पिता बोले- कहता था पढ़ाई गंभीरता से लें, मजा आएगा

भोपाल9 महीने पहलेलेखक: अनूप दुबे
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नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) भोपाल के 11वें दीक्षांत समारोह में एक दंपती ऐसे थे, जिनके बेटे को डिग्री तो नहीं मिल रही थी, लेकिन उनके बेटे के नाम से दूसरे छात्रों को गोल्ड मेडल दिया जा रहा था। यह गोल्ड मेडल उनके इकलौते बेटे रिजवान शाद की मौत के बाद उनकी ओर से स्पॉन्सर किया जा रहा है। रिजवान ने 2012 में NLIU से ही साइबर लॉ एंड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में मास्टर डिग्री में टॉप किया था। 2013 में सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। रिजवान मास्टर डिग्री करने के बाद अमेरिका से PhD करने की तैयारी में था। रिजवान के पिता डॉक्टर अनवर शाद से खास बातचीत...

पेशे से एनाटॉमी डॉक्टर अनवर ने बताया कि 2013 में हादसे में रिजवान के इंतकाल के बाद उसकी याद में गोल्ड मेडल स्पॉन्सर करने का निर्णय लिया था। वह शिक्षा के बारे में बहुत सोचता था। विशेष रूप से PhD करना चाहता था। उस दौरान भारत में साइबर लॉ में PhD नहीं होती थी, सिर्फ US में ही होती थी। अपने यहां साइबर लॉ नहीं था।

हर साल गोल्ड मेडल स्पॉन्सर करता हूं
अनवर ने बताया कि मैं हर साल गोल्ड मेडल स्पॉन्सर करता हूं। लोग आज भी बोलते हैं कि वह (रिजवान) एक्सट्रा ऑर्डनरी था। जब वह डिजिटल करेंसी उपयोग करता था, जब वह स्कूल में था, मुझे लगता था कि वह एक्सट्रा ऑर्डनरी है। जो हुआ, वह ईश्वर की मर्जी थी, उसकी कोई उम्मीद नहीं कर सकता। उसने इस कॉलेज के लिए बहुत मेहनत की थी। उसने निजी तौर पर मेहनत की थी। उसकी अंग्रेजी बहुत अच्छी थी। वह जब बोलता था, तो लोगों को डिक्शनरी उठानी पड़ती थी। वह दूसरे बच्चों को प्रेरित करता था कि इसे गंभीरता से पढ़ो। बहुत मजा आएगा।

वह इस शिक्षा को एंजॉय करता था। उसे मेरा सपोर्ट रहता था। मेरी और उसकी अलग-अलग फील्ड थी। 8 साल पहले वह कहा करता था कि पापा ऑनलाइन किसी को ट्रीटमेंट लिखकर नहीं दिया करो। इसका हैक होने का डर रहता है। कोरोना के समय जब हम लोगों को ऑनलाइन ट्रीटमेंट दे रहे थे, तब उसकी बातें ध्यान आ रही थीं। उसकी यादों को ही बनाए रखने के लिए हम भी बच्चों को मोटिवेट करने का प्रयास कर रहे हैं।

रिजवान के नाम पर गोल्ड मेडल
NLIU में साइबर लॉ एंड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में टॉप करने वाले रिजवान शाद को यूनिवर्सिटी की तरफ से एक सम्मान दिया गया है। उसके नाम पर ही साइबर लॉ एंड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में गोल्ड मेडल दिया जाने लगा है। इस साल वर्ष 2018, 19 और 2020 के छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया।

रिजवान ने RGPV से इंजीनियरिंग की
डॉक्टर अनवर ने बताया कि वे मूलत: गुजरात के रहने वाले हैं। वह पत्नी के साथ उज्जैन में रहते हैं। रिजवान ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में BE की थी। उसके बाद उसने NLIU से साइबर लॉ में मास्टर की डिग्री की। वह NLIU से साइबर लॉ एंड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में मास्टर डिग्री करने वाला बोहरा समाज का पहला छात्र था।

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