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देवास-उज्जैन में घटा लिंगानुपात:इंदौर में लिंगानुपात 895 से 987 प्रति हजार पुरुष पहुंचा

इंदौर10 महीने पहले
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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक इंदौर में महिलाओं की संख्या प्रति एक हजार पुरुष पर 987 हो गई है। 2016 के सर्वे में यह 895 थी। यानी इसमें 92 बिंदुओं की बढ़त हुई है, जो मप्र में सबसे ज्यादा है। जन्म के समय शिशु लिंगानुपात भी पांच सालों में 849 से बढ़कर 996 हो गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह गर्भ में शिशु का लिंग पता करने पर लगी रोक और गर्भपात को लेकर हो रही सख्ती रही है। वहीं देवास में 5 साल में लिंगानुपात 964 से 946 पर व उज्जैन में 968 से 951 पर आ गया है। शिशु लिंगानुपात भी देवास में 961 से 885 तो उज्जैन में 1062 से 958 हो गया है।

ये नतीजे भी सुखद

  • इंदौर में 83% महिलाएं फैमिली प्लानिंग करती हैं। 5 साल पहले 54% करती थीं। बाल विवाह यानी 18 वर्ष से पूर्व विवाह का प्रतिशत 21.7 रह गया है, जो पहले 23.4% था। इंदौर की 80% महिलाएं शिक्षित हैं।
  • अब छह सात साल से अधिक आयु की 78% बच्चियां स्कूल जाती हैं, पहले 75.3% जाती थीं। इंदौर में पांच साल पहले केवल 15.7% परिवार ही हेल्थ इंश्योरेंस में कवर होते थे। यह आंकड़ा अब 40.3% हो गया है।
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