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भोपाल में अफसर पर छेड़छाड़ के आरोप का मामला:चार महीने से जांच के नाम पर अधिकारी को बचा रहे; अब स्कूल शिक्षा मंत्री ने रिपोर्ट मांगी

भोपाल7 महीने पहले
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स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा केंद्र (डीपीसी) भोपाल में आरोपों से घिरे जिला परियोजना समन्वयक राजेश बाथम के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत का मामला 4 महीने से लटका हुआ है। महिला को न्याय के लिए कई समितियों और अधिकारियों के सामने बयान दे चुकी है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में अब स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अधिकारियों से मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है। हालांकि विभाग के अधिकारी अफसर को बचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। मंत्री परमार ने फोन पर अधिकारी से कहा, जो भी रिपोर्ट वह जल्द पेश करें।

महिला पर लगातार दबाव बनाया जा रहा

महिला ने करीब 4 महीने पहले जिला परियोजना समन्वयक राजेश बाथम के खिलाफ कार्य स्थल में प्रताड़ना और छेड़छाड़ की शिकायत विभाग से की थी। बाथम के अंडर में ही काम करने वाले कर्मचारियों की ही जांच समिति बनाए जाने से नाराज महिला ने बयान देने से मना कर दिया था। उसके बाद जेडी के निर्देश पर एक कमेटी ने महिला के बयान लिए। इधर कलेक्टर ने भी एक कमेटी बनाकर महिला के बयान लिए। चार महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं आना कई सवाल खड़े करते हैं।

संघ के पत्र के बाद जेडी को बनाना पड़ी थी समिति

अध्यापक संघ द्वारा मामले में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का जवाब मिलने के बाद जेडी ऑफिस से जिला स्तरीय समिति बना दी गई। जेडी राजीव तोमर ने सहायक संचालक जेडी ऑफिस कृष्णा परते के नेतृत्व में 4 सदस्यीय टीम बनाई थी। इसमें दो पुरुष और दो महिला अधिकारी थे। रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई। जेडी द्वारा बनाई गई जांच टीम ने भी महिला से पूछताछ की थी। बयान लेने के बाद महिला से कुछ सवालों के जवाब लिखित में लिए गए। इतना ही नहीं महिला को डीपीसी ले जाकर बाथम से आमना-सामना कराने का प्रयास किया, लेकिन पीड़िता वहां से चली गई थी।

पुलिस थाने में भी शिकायत

महिला कोहेफिजा पुलिस थाने में बाथम के खिलाफ लिखित शिकायत कर रखी है। पुलिस भी महिला के बयान दर्ज कर चुकी है। हालांकि पुलिस विभाग की जांच कमेटी की जांच का इंतजार कर रही है।

कलेक्टर के निर्देश पर समिति ने पूछताछ की

परेशान होकर महिला ने इसकी शिकायत कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक में की। कलेक्टर द्वारा बनाई गई समिति ने महिला के बयान लिए। यह बयान डीपीसी में लिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग ने अब तक कलेक्टर से रिपोर्ट तक नहीं मंगवाई।

यह है मामला

पीड़ित महिला 2017 से ऑफिस में कार्यरत है। आरोप है कि बाथम द्वारा उसे अश्लील हरकतें की जाती थीं। उसे देर रात तक ऑफिस में रुकने को कहा जाता था। कोरोना के दौरान सिर्फ उसे ही ऑफिस बुलाया गया। इस दौरान बाथम उससे छेड़छाड़ करते थे। गंदी बातें और अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर परेशान किया जाने लगा। इसी से परेशान होकर तीन दिन पहले महिला ने विभाग में इसकी शिकायत की। उसके बाद मामला तूल पकड़ गया।