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दूसरी डोज नहीं लगाने पर अब नहीं मौज!:रतलाम में ​​​​बिना सर्टिफिकेट ​​​सेव नहीं मिलेगी; इंदौर के बगीचों में टहलने, उज्जैन में होटलों में रुकने पर रोक

भोपाल10 महीने पहले
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मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन का सेकेंड डोज प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। पहला डोज (5.02 करोड़) लगाने के बाद आधे लोगों ने ही दूसरा डोज (2.5 करोड़) लिया है। नतीजा सामने है। प्रशासन ने दूसरे डोज के लिए ‘सख्त’ आइडियाज तलाशे हैं। जानिए मध्यप्रदेश के लोगों को दूसरा डोज लगवाने के लिए क्या-क्या हो रहा है-

रतलामी सेव के जायके की मनाही...
रतलामी सेव पूरे देश में मशहूर है और इसका जायका भी..। पर जहां का यह ब्रांड है, वहीं पर इस पर यह कहकर मनाही लगाई गई है कि अगर दूसरा डोज नहीं लगवाया है तो रतलामी सेव नहीं मिलेगी। यहां सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही रतलामी सेव मिलेगी। जिसने एक भी डोज नहीं लगवाया, उन्हें तो दुकान में चढ़ने की भी इजाजत मिलेगी या नहीं, यह देखना बाकी है..। यह जिम्मा रतलाम के सेव कारोबारियों को सौंपा गया है कि वे सर्टिफिकेट देखकर ही बेचें।

इंदौर में न सिटी बस में एंट्री, न शॉपिंग मॉल में.. बगीचे में टहलने पर भी रोक
इंदौर के लोगों ने वैक्सीन का पहला डोज तेजी से लगावाया, लेकिन दूसरे डोज में प्रशासन को यहां भी ठंड में पसीना बहाना पड़ा है। यहां 30 लाख में से नौ लाख लोग दूसरे डोज से दूर हैं। ऐसे लोगों की जू और बगीचों में एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों में सफर भी नहीं कर सकते। 1 दिसंबर से तो यह होगा कि बिल्डर और ठेकेदार उन्हीं मजदूरों को काम देंगे, जिन्होंने दोनों डोज लगवाए हों। शॉपिंग मॉल में एंट्री में आनाकानी शुरू कर दी गई है।

महाकाल की नगरी में भी होटल में रुकने पर रोक
उज्जैन में किसी भी दुकान में सामान नहीं देने का ऐलान कर दिया गया है। होटल, लॉज और धर्मशाला में प्रवेश भी नहीं पा सकेंगे। नियमानुसार कार्रवाई का दावा किया है लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

भोपाल में रोको-टोको और घर-घर दस्तक अभियान की तैयारी
भोपाल में 4 लाख 20 हजार लोगों को दूसरी डोज लगना पेंडिंग है। अब प्रशासन रोको-टोको और घर-घर दस्तक अभियान तेजी से शुरू करने की रणनीति बना रहा है। रोको-टोको अभियान में दूध, राशन, दुकानदार, रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन, चौराहे पर खड़े होकर लोगों से वैक्सीन लगाने के बारे में पूछा जाएगा। वहीं, दूसरा घर-घर दस्तक अभियान भी चलाने की तैयारी है। घर-घर जाकर लोगों से वैक्सीन लगाने के संबंध में जानकारी ली जाएगी। इन दोनों अभियान में तेजी लाई जाएगी। भोपाल में कॉल लगाने के बावजूद लोग वैक्सीन लगाने नहीं आ रहे है।

अन्य जिलों में भी सख्ती

  • होशंगाबाद, बुरहानपुर में बगैर दोनों डोज लिए राशन नहीं ले सकेंगे। कम्पलीट वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
  • ग्वालियर में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाई गई है।
  • शादियों में मेहमानों का डबल डोज जरूरी है तो नगर निगम में आने के लिए दोनों डोज लगवाना जाना जरूरी होगा। राशन भी नहीं दिया जा रहा है।
  • गुना में सरकारी दुकानों से राशन के साथ पंप से पेट्रोल-डीजल और मॉल से सामान नहीं मिलेगा। यहां एक बात देखने में आई कि यहां मौके पर टीके लगवाए जाते हैं।

यहां सख्ती नहीं, सिर्फ प्रेरित करने का काम
भोपाल, सागर, छिंदवाड़ा सहित अन्य तमाम जिले हैं, जहां अभी सख्ती देखने को नहीं मिली है।