पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

MP के अफसरों को रेड का डर दिखाकर वसूली:बाप-बेटे खुद को EOW-लोकायुक्त इंस्पेक्टर बताकर करते थे ठगी; जांचों से घिरे अफसर थे टारगेट पर

भोपाल/रीवा4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को छापे का डर दिखाकर वसूली करने वाले जालसाज बाप-बेटे को EOW ने भोपाल से अरेस्ट किया। उनका एक साथी भी गिरफ्त में आया है। तीनों खुद को EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) और लोकायुक्त का सीनियर इंस्पेक्टर बताते थे। आरोपियों पर 10 हजार रुपए का इनाम था। EOW की रीवा यूनिट ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। धोखेबाज अब तक लगभग 10 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा चुके हैं।

रीवा EOW एसपी वीरेंद्र जैन के अनुसार संजय अखबारों में ऐसे समाचार देखता था, जिसमें किसी अधिकारी-कर्मचारी पर विभागीय या अन्य एजेंसी द्वारा जांच का जिक्र होता था। जालसाज उन्हें छापे का डर दिखाकर रुपयों की डिमांड करते थे। वह विभागों की वेबसाइट सर्च कर वहां से उनके नंबर लेकर कॉल करते थे।

EOW के मुताबिक तिलक नगर, रीवा निवासी संजय मिश्रा इस गिरोह का सरगना है। जल संसाधन विभाग के जयकिशन द्विवेदी ने जुलाई 2021 में संजय के खाते में 1 लाख रुपए जमा कराए थे। उचहेरा, सतना के रेंजर रामनरेश साकेत से 50 हजार रुपए खाते में जमा करने को कहा था, लेकिन उन्होंने जमा नहीं किए। जल संसाधन विभाग, सागर के उपयंत्री कालीचरण दुबे ने भी 25 हजार रुपए उसके खाते में जमा नहीं किए थे। दुबे की शिकायत पर 2 सितंबर को EOW रीवा ने FIR की थी। इसके बाद संजय अपने बेटे आष्कृत के साथ रीवा से भागकर भोपाल के टीटी नगर में रहने लगा। यहां उसकी पहचान पन्ना निवासी रघुराजा उर्फ राहुल गर्ग से हो गई, फिर उसके खाते में रकम जमा कराने लगा। बाप-बेटे रघुराजा को 10% कमीशन देते थे।

इंस्पेक्टर शर्मा के नाम से ट्रूकॉलर पर आता था नंबर
संजय मिश्रा का मोबाइल नंबर ट्रूकॉलर पर इंस्पेक्टर EOW डीपी शर्मा के नाम से सामने आता था। EOW ने तीनों आरोपियों संजय मिश्रा (49), आष्कृत मिश्रा (21) और रघुराजा गर्ग को टीटी नगर से गिरफ्तार कर लिया है। उसने पंचायत विभाग, सहकारिता विभाग, राजस्व विभाग, जल संसाधन, खनिज विभाग और MPEB के अधिकारियों से पिछले कुछ महीनों में रकम वसूली है।

FIR हुई तो छोड़ दिया था रीवा
EOW ने 2 सितंबर को संजय मिश्रा के खिलाफ FIR कर उसका बैंक खाता फ्रीज करा दिया था। भोपाल आने पर संजय के बेटे की दोस्ती टीटी नगर स्थित एक होटल के मैनेजर रघुराजा से हुई। पिता-पुत्र कमीशन का लालच देकर उसके खाते में रकम जम करवाने लगे। जांच के दौरान EOW को पता चला कि रकम रघुराजा के खाते में मंगाई जा रही है। इसके बाद टीम ने रघुराजा को दबोचा, फिर संजय व आष्कृत को पकड़ लिया। संजय से कई सिम बरामद की हैं।

आदतन अपराधी है पकड़ाया फर्जी अफसर:2019 में भी रीवा में खुद को अफसर बता सरकारी कर्मचारियों से कर चुका वसूली, अब भोपाल में अरेस्ट

खबरें और भी हैं...