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कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में तीनों पालिकाध्यक्ष भाजपा के:​​​​​​​सतना में BJP विधायक और मंत्री नहीं बचा पाए अपना क्षेत्र, सागर में कांग्रेस का सफाया

भोपालएक महीने पहलेलेखक: विजय सिंह बघेल
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मध्यप्रदेश की 16 नगर निगम, 76 नगर पालिकाओं, 255 नगर परिषदों में अध्यक्षों के चुनाव हो चुके हैं। रविवार यानी 14 अगस्त को सभी निकायों के फाइनल रिजल्ट घोषित किए गए थे ।भास्कर ने इसका एनालिसिस किया। कस्बों से महानगरों तक भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली है। प्रदेश की 85% निकायों में भाजपा अपने कार्यकर्ताओं या समर्थकों काे अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही है। अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस सागर से क्लीन स्वीप हो गई तो कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की तीनों नगर पालिकाओं में भाजपा ने कब्जा जमाया। वहीं, सतना और सागर में भाजपा के नेता और विधायक अपना क्षेत्र नहीं बचा पाए। प्रदेश में कहां-क्या स्थिति रही, पढ़िए...

कांग्रेस विहीन हुआ सागर जिला

सागर जिले में 14 नगरीय निकायों में चुनाव हुए। सागर नगर निगम, 4 नगर पालिका और 9 नगर परिषदों में कांग्रेस एक भी निकाय में अध्यक्ष नहीं बना पाई है। PWD मंत्री गोपाल भार्गव के क्षेत्र रहली नगर पालिका में भाजपा के देवराज सोनी निर्विरोध अध्यक्ष बने। सागर जिले की 9 नगर परिषदों में 7 में निर्विरोध अध्यक्ष बने हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह के प्रयासों से सागर जिले की मालथौन, बिलहरा, बरोदिया कलां, बंडा, बांदरी, सुरखी और राहतगढ़ नगर परिषद में निर्विरोध अध्यक्ष बने हैं।

विंध्य में कांग्रेस को बढ़त

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को विंध्य क्षेत्र से करारी शिकस्त मिली थी, लेकिन नगरीय निकाय के चुनावों में कांग्रेस को विंध्य में अच्छी बढ़त मिली है। सतना के नागौद, अमरपाटन, सीधी के चुरहट, रीवा के हनुमना में कांग्रेस को नगर परिषद अध्यक्ष बनाने में सफलता मिली है। रीवा नगर निगम और सीधी नगर पालिका में भी कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है।

इन नगर पालिकाओं में कांग्रेस की जीत

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ कहे जाने वाले अशोकनगर की चंदेरी नगर पालिका में कांग्रेस के दशरथ कोली अध्यक्ष बन गए। चंदेरी से कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह चौहान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। पूर्व मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया की बगावत का कांग्रेस को फायदा मिला। दमोह और हटा में कांग्रेस को नगर पालिका अध्यक्ष बनाने में कामयाबी मिल गई। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के क्षेत्र शाजापुर में भी कांग्रेस नगर पालिका अध्यक्ष बनाने में कामयाब हो गई। दो दशकों से BJP के कब्जे में रही टीकमगढ़ नगर पालिका में कांग्रेस के अब्दुल गफ्फार नगर पालिका अध्यक्ष बनने में कामयाब हो गए।

कांग्रेस विधायकों की बची साख

कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा अपने सोनकच्छ नगर परिषद में कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने में कामयाब हो गए। वहीं, जबलपुर के बरगी से कांग्रेस एमएलए संजय यादव के क्षेत्र भेड़ाघाट नगर परिषद में कांग्रेस जीती।

ये भाजपा विधायक और मंत्री नहीं बचा पाए अपना क्षेत्र

उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी के विधानसभा क्षेत्र खरगापुर के पलेरा (टीकमगढ़) में कांग्रेस ने नगर परिषद पर कब्जा कर लिया। यहां भाजपा के प्रदेश महामंत्री और जतारा से भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक के परिवार का लंबे समय से नगर परिषद पर कब्जा था। पूर्व मंत्री और नागौद के भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के गृहनगर नागौद (सतना) नगर परिषद में कांग्रेस ने कब्जा कर लिया। मप्र सरकार के मंत्री रामखेलावन पटेल के गृहक्षेत्र अमरपाटन (सतना) नगर परिषद में कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया।

ग्वालियर में पूर्व मंत्री लाखन सिंह अपने क्षेत्र में प्रत्याशी तक नहीं उतार सके

ग्वालियर जिले की 5 नगर परिषदों में 4 (आंतरी, भितरवार, बिलौआ, पिछोर) में भाजपा के अध्यक्ष बने। जबकि, मोहना नगर परिषद में कांग्रेस का अध्यक्ष बना। कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे लाखन सिंह यादव अपने क्षेत्र भितरवार नगर परिषद में प्रत्याशी तक नहीं उतार सके। यहां BJP ने निर्विरोध अध्यक्ष बना लिया। ग्वालियर जिले की एकमात्र डबरा नगर पालिका में BJP की लक्ष्मीबाई अध्यक्ष चुनी गईं।

प्रदेशाध्यक्ष के इलाके में BJP को शानदार सफलता
BJP प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र खजुराहो लोकसभा क्षेत्र में भाजपा को नगरीय निकायों में बड़ी कामयाबी मिली है। छतरपुर जिले की तीनों नगर पालिकाओं (छतरपुर, नौगांव, महाराजपुर) में भाजपा अपने अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही। छतरपुर जिले की 12 नगर परिषदों में 11 में BJP के अध्यक्ष बने। सिर्फ सटई नगर परिषद में कांग्रेस अपना अध्यक्ष बना पाई। कटनी जिले की तीनों नगर परिषदों (विजय राघवगढ़, कैमोर, बरही) में BJP अपने अध्यक्ष बनाने में सफल रही। पन्ना जिले की 6 नगर पालिकाओं में BJP के अध्यक्ष बने। अजयगढ़, अमानगंज और पवई में निर्विरोध BJP अपने अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही। पन्ना नगर पालिका में भी भाजपा को अध्यक्ष बनाने में सफलता मिली।

सीएम के गृह जिले में निर्विरोध बने अध्यक्ष
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के 7 नगर परिषदों में से चार में (बुधनी, शाहगंज, रेहटी, नसरूल्लागंज) में निर्विरोध अध्यक्ष बने। दो नगर पालिकाओं में भाजपा के अध्यक्ष बने। आष्टा में भी भाजपा निर्विरोध नगर पालिका अध्यक्ष बनाने में सफल हुई। सीएम के गृह जिले सीहोर में कांग्रेस को एकमात्र निकाय पर जीत मिल सकी। सीहोर की कोठरी नगर परिषद से कांग्रेस की नगीना बी अध्यक्ष बनने में कामयाब हो गईं।

मुरैना नगर पालिका और नगर परिषदों में बची मंत्री तोमर की साख

मुरैना में महापौर का चुनाव हारने के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के गृह जिले मुरैना की 4 नगर पालिकाओं में भाजपा अध्यक्ष बनाने में कामयाब हुई। 4 नगर परिषदों में से तीन में भाजपा और कांग्रेस एक नगर परिषद में के अध्यक्ष बनाने में कामयाब हो पाई।

नेता प्रतिपक्ष के गढ़ में 50-50 रहा चुनावी मैच
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के गृह जिले भिंड में नगरीय निकायों के चुनाव का रिजल्ट लगभग बराबर रहा। डॉ. गोविंद सिंह अपने क्षेत्र की दो नगर पालिकाओं लहार और रौन में निर्विरोध अध्यक्ष बनाने में कामयाब हुए। वहीं, भिंड नगर पालिका में भाजपा की वर्षा वाल्मीकि अध्यक्ष चुनी गईं। भिंड जिले की 10 नगर परिषदों में 5 कस्बों में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। दबोह, आलमपुर, मिहोना में निर्विरोध कांग्रेस के अध्यक्ष बने। वहीं, फूप, मौ, मालनपुर, अकोड़ा, रौन में भाजपा अपने अध्यक्ष बनाने में सफल हुई। BJP भी फूप, मालनपुर और अकोड़ा में निर्विरोध अध्यक्ष बनाने में कामयाब हो गई।

कमलनाथ के गढ़ में सभी नगर पालिकाओं पर BJP का कब्जा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा की तीनों नगर पालिकाओं अमरवाड़ा, चौरई और परासिया में भाजपा के अध्यक्ष चुने गए। वहीं, 7 नगर परिषदों में से चार कांग्रेस और तीन में भाजपा के अध्यक्ष चुने गए।

नगर परिषदों के अध्यक्षों की लिस्ट ...

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