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सबूत कहां से लाएं:वैक्सीनेशन के बाद भी नहीं मिला सर्टिफिकेट, ऐसे 5000 लोग परेशान; न दफ्तर में एंट्री मिल रही और न कॉलेज में

भोपाल3 महीने पहले
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लोगों का आरोप है कि बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन कराने के चक्कर में ऑफ लाइन एंट्री को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। - Money Bhaskar
लोगों का आरोप है कि बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन कराने के चक्कर में ऑफ लाइन एंट्री को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया।

मैडम, मेरा नाम रेखा है। एक महीने पहले टीका लगवाया था। लेकिन अब तक न तो वैक्सीनेशन का मैसेज आया और न ही वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पोर्टल पर दिख रहा है। मैंने अपना मोबाइल नंबर वैक्सीनेशन सेंटर पर दर्ज कराया था। अब मुझसे सरकारी दफ्तर में बार-बार पूछताछ हो रही है। जबकि मैंने खुद आगे आकर वैक्सीनेशन कराया है। मेरी समस्या का समाधान करें।

ऐसी समस्या से शहर के करीब 5000 लोग परेशान हैं। इसे लेकर स्मार्ट सिटी दफ्तर पर संचालित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 1075 पर भी रोजाना शिकायतें आ रही हैं। कुछ लोगों की शिकायत है कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट नहीं मिलने से न तो उन्हें दफ्तरों में एंट्री मिल पा रही है, न ही कॉलेजों में।

लोगों का आरोप है कि बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन कराने के चक्कर में ऑफ लाइन एंट्री को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. उपेंद्र दुबे ने बताया कि टीकाकरण से जुड़ी जो भी शिकायतें आ रही हैं, उसका समाधान कर रहेंगे।

इसलिए जरूरी है वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट

1.सरकारी-निजी दफ्तरों में काम करने वाले हर व्यक्ति से वैक्सीनेशन का प्रमाण मांगा जा रहा है।

2.कॉलेजों में छात्रों और वहां के स्टाफ से भी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है।

3.चार धाम यात्रा के लिए यह जरूरी है। देश के कुछ एयरपोर्ट पर भी इस बारे में पूछताछ की जाती है।

गलती... सेंटर के कर्मचारी की, परेशान हो रहे लोग

करोंद निवासी प्रदीप कुशवाहा ने बताया कि डेढ़ महीने पहले उन्होंने बड़वई स्थित एक सेंटर पर वैक्सीनेशन कराया था। उस दौरान न तो मैसेज आया और न ही सर्टिफिकेट। कुछ दिन बाद पता चला कि सेंटर बंद हो गया है। अब तक स्वास्थ्य विभाग में कई बार संपर्क कर चुका लेकिन सर्टिफिकेट नहीं मिला है। इसकी जरूरत उन्हें कॉलेज जाने के लिए है।

बड़ा सवाल... डाटा अपलोड क्यों नहीं हुआ

जिन लोगों को वैक्सीनेशन हो चुका है, डाटा ले लिया गया है। फिर भी उसे अपलोड क्यों नहीं किया गया? दूसरी ओर टीकाकरण से जुड़े अफसरों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कुछ नहीं किया जा सकता है। सिर्फ वर्तमान का सर्टिफिकेट जनरेट कर सकते हैं। बैकडेट का सर्टिफिकेट देने का कोई प्रावधान नहीं है।

सेल्फ करेक्शन... फिर भी समय पर समाधान नहीं

भारत सरकार ने सर्टिफिकेट में हुई गड़बड़ियों में सुधार के लिए कोविड पोर्टल पर सेल्फ करेक्शन विंडो शुरू की है। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे सीधे कंप्लेंट रजिस्टर्ड कर सकता है। समाधान सात दिन में होगा। लेकिन इस अवधि में 15% लोगों की समस्या हल हुई है। बाकी भोपाल स्थित कंट्रोल रूम में कॉल करके परेशानी बता रहे हैं।

ये शिकायतें आ रहीं कॉल सेंटर 1075 पर

  • पहला डोज लग गया है, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं मिला है।
  • मैसेज आ गया, पर रिकाॅर्ड अपडेट नहीं है
  • वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर नाम की स्पेलिंग गलत लिख दी गई है।
  • उम्र गलत लिख दी है।
  • सर्टिफिकेट गलत तारीख में जारी हुआ
  • बिना वैक्सीनेशन कराए सर्टिफिकेट जारी हो गया है।
  • पोर्टल पर स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा है।
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