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भोपाल में संक्रमित ज्यादा, सैंपलिंग कम:टेस्टिंग में इंदौर,जबलपुर से भी पीछे,12 दिन में हर दूसरा पॉजिटिव भोपाल का; अब अफसर दे रहे सफाई

भोपाल7 महीने पहलेलेखक: ईश्वर सिंह परमार
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कोरोना की तैयारी के अलर्ट और टेस्टिंग बढ़ाने के दावों पर भोपाल में ही सवाल खड़े हो गए हैं। भोपाल प्रशासन अब तक टेस्टिंग नहीं बढ़ा सका, जबकि यहीं सबसे ज्यादा केस निकल रहे हैं। डेटा बता रहा है कि चिंताजनक श्रेणी वाले शहरों में शामिल भोपाल वर्तमान में टेस्टिंग में इंदौर, जबलपुर से पीछे है।

चिंता इसलिए है कि पिछले तीन दिनों से सबसे ज्यादा प्रकरण भोपाल में मिले हैं। यह प्रदेश के कुल केस का 65% है। पिछले 12 दिनों में 188 मामले सामने आए हैं। उसमें सबसे अधिक 80 केस भोपाल में मिले हैं। एक मौत भी यहीं हुई है। अफसर आरटीपीसीआर और रैपिड के अलग-अलग आंकड़े गिनाकर सफाई दे रहे हैं।

यह है स्थिति

मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे में 58 हजार से ज्यादा टेस्ट हुए। इनमें से 5800 के करीब टेस्ट इंदौर में किए गए, जबकि 5200 जबलपुर में। इंदौर में 5 और जबलपुर में दो केस मिले हैं। भोपाल की बात करें, तो यहां सबसे ज्यादा नौ केस मिले हैं। टेस्टिंग सबसे कम 3800 हुई है।

मुख्यमंत्री जता चुके हैं भोपाल के लिए चिंता

CM शिवराज सिंह चौहान भोपाल, इंदौर और जबलपुर को लेकर चिंता जता चुके हैं। अभी इन जिलों में 90% तक संक्रमित मिल रहे हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भोपाल की है। 28 से 30 नवंबर के बीच में भोपाल में 65% केस मिल चुके हैं। यानी एक तिहाई केस अकेले भोपाल में ही मिल रहे हैं। प्रदेश में मिलने वाले संक्रमितों में एवरेज दूसरा संक्रमित भोपाल का ही है। बावजूद टेस्टिंग में लापरवाही बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग टेस्टिंग को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। यही कारण है कि टेस्टिंग के मामले में भोपाल इंदौर और जबलपुर से भी पीछे हैं।

ऐसे समझिए कोरोना केस का नया ट्रेंड

कोरोना पॉजिटिव के आंकड़ों में भोपाल इंदौर से भी आगे निकल गया है। 3 दिन के भीतर ही भोपाल में केस मिलने का ट्रेंड बदल गया है। 28 से 30 नवंबर के बीच में भोपाल में 65% केस मिले और मध्यप्रदेश में उसकी हिस्सेदारी डबल हो गई। दूसरी ओर, इसी अवधि में इंदौर में 38% केस मिले हैं। इससे पहले 25 से 27 नवंबर के बीच इंदौर में 48% केस मिले थे। इसके पीछे टेस्टिंग और अवेयरनेस प्रमुख वजह रही।

इंदौर की तुलना में 2 हजार टेस्ट कम

भोपाल में इंदौर के मुकाबले कोरोना के 2 हजार टेस्ट कम हो रहे हैं। 30 नवंबर की बात करें तो इंदौर में 5871 हुए थे और 5 पॉजिटिव मिले थे। वहीं, जबलपुर में 5227 टेस्ट में से 2 केस पॉजिटिव निकले। भोपाल में 3845 लोगों की कोरोना जांच हुई। इनमें 9 पॉजिटिव निकले।

आरटीपीसीआर के साथ रैपिड भी कर रहे हैं : सीएमएचओ

भोपाल के CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी का कहना है कि आरटीपीसीआर के साथ रैपिड टेस्ट भी कर रहे हैं, जिससे आंकड़ा 5 हजार से अधिक है। अब टेस्टिंग बढ़ा रहे हैं। रोज 6-7 हजार टेस्ट करेंगे।

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