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धोखाधड़ी का नया तरीका:भोपाल के शोरूम में IDFC बैंक का फर्जी लेटर लगाकर सुजुकी की 6 स्कूटी लोगों को दे दीं; शिकायत के 9 महीने बाद FIR

भोपाल3 महीने पहले
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पुलिस ने शिकायत मिलने के 9 महीने बाद एमपी नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया। - प्रतीकात्मक फोटो - Money Bhaskar
पुलिस ने शिकायत मिलने के 9 महीने बाद एमपी नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया। - प्रतीकात्मक फोटो

भोपाल में सुजुकी शोरूम IDFC का फर्जी एप्रूवल लेटर लगाकर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। शोरूम में बैंक के ही दो सेल्स एजेंट ने एक साल के अंदर यह फर्जीवाड़ा किया। इतना ही नहीं इससे पहले कि मामले का खुलासा होता दोनों आरोपी नौकरी छोड़कर चंपत हो गए। शोरूम संचालक की शिकायत पर करीब 9 महीने बाद अब एमपी नगर पुलिस ने FIR दर्ज की है। एक आरोपी ऐसे ही एक मामले में पहले से जेल में बंद है।

ई-3 अरेरा कॉलोनी निवासी 31 साल के जितेश जोधवानी का एमपी जोन-2 में अपना नाम से सुजुकी शोरूम हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके शोरूम में बैंक के सेल्स एजेंट रेहान उर्फ रिहान खान और विवेक श्रीवास्तव थे। उन्होंने सितंबर 2019 से अक्टूबर 2020 के दौरान छह सुजुकी स्कूटर फाइनेंस करवाए थे। इसके लिए उन्होंने बैंक का एप्रूवल लेटर लगाए थे। लेटर के आधार पर शोरूम से लोगों को स्कूटर दे दिए थे।

उन्होंने जब यह लेटर बैंक में लगाए तो सामने आया कि यह तो फर्जी हैं। इसका पता चलते ही दोनों भाग गए। उन्होंने एमपी नगर पुलिस से करीब 9 महीने पहले शिकायत की थी। जिसकी जांच पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने की धाराओं में FIR दर्ज की कर ली। जानकारी के अनुसार रेहान का इसी तरह के किसी दूसरे मामले में जेल में होने की जानकारी सामने आई है।

ग्राहकों से कागजात लेकर करते थे धोखाधड़ी

आरोपी शोरूम में आने वाले ग्राहकों से लोन प्रोसेस के नाम पर दस्तावेज ले लेते थे, लेकिन बैंक में दस्तावेज जमा नहीं करते थे। पहले मिले एप्रूवल लेटर की फर्जी कापी बनाकर उसे शोरूम में जमा कर देते थे। शोरूम से सिर्फ एप्रूवल लेटर के आधार पर गाड़ी ग्राहक को सौंप दी जाती थी। शोरूम प्रबंधन द्वारा लोन के एप्रूवल लेटर बैंक को भेज गए, तो उन्होंने भुगतान करने से मना कर दिया। जानकारी लेने पर पता चला कि यह तो फर्जी लेटर हैं। बैंक द्वारा इस तरह का कोई लोन पास नहीं किया गया।

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