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पैसा लेकर भागने वाले जालसाज गिरफ्तार:कियोस्क सेंटरों से रकम ट्रांसफर होते ही काउंटर में रखा कैश लेकर हो जाते हैं फरार, 100 लोगों को ठगा

भोपालएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Money Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

साइबर क्राइम भोपाल ने दो ऐसे जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो कियोस्क सेंटरों से पैसा लेकर फरार हो जाते हैं। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी सेंटर संचालक को पहले रकम ट्रांसफर कराने के लिए कैश देते हैं। जैसे ही खाते में रकम ट्रांसफर होती है, उसी दौरान संचालक को दिया हुआ कैश लेकर फरार हो जाते हैं। साइबर क्राइम ने दावा किया कि आरोपियों ने 100 लोगों को इस तरह ठगा है। आरोपी इस तरह की वारदात उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, भोपाल में करोंद निशातपुरा, ऐशबाग क्षेत्र में कर चुके हैं। एमपी के कई जिलों में भी वारदात कर चुके हैं। आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड है। वह पुलिस से बचने के लिए मुंबई शिफ्ट हो गए थे।

एएसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि भोपाल निवासी अमित यादव ने शिकायत की थी। उसने बताया बताया कि एमपी ऑनलाइन उसका कियोस्क सेंटर है। वह ROINET कंपनी के पोर्टल से मनी ट्रांसफर करता है। 12 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे दो अज्ञात लडके उसकी दुकान पर पहुंचे। एक लड़के ने बोला कि मुझे 15000 रुपए एक खाते में ट्रांसफर कराना है। उसने अपनी जेब से पैसे निकालकर अमित के टेबल में रख दिए। इसके बाद अमित ने 15 हजार रुपए उसके बताए अनुसार बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसी बीच अमित चार्जर उठाने के लिए काउंटर से नीचे झुके। तभी आरोपी टेबल में रखे 15 हजार रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी और अपराध में उनकी भूमिका

1. राजेश नागवानी उर्फ राजेश छू उर्फ कबरा। कबरा मूलत: भोपाल का ही रहने वाला है। अपराध के मामले में पुलिस को उसकी तलाश थी, ऐसे में वह नाला सोपारा पालघर मुंबई में शिफ्ट हो गया। हाल ही में वह भोपाल पहुंचा। वारदात के दौरान घटना स्थल के बाहर खडे़ होकर निगरानी करता है। इसके बाद सहयोगी को लेकर भाग जाता है। सटोरिया है।

2. दीपेश इंद्रपाल सतनामी। मूलत: सतना का रहने वाला है। राजेश से इसकी मुलाकात नाला सोपारा पालघर मुंबई में हुई थी। 10वीं तक पढ़ा है। दुकान पर जाकर पैसे ट्रांसफर कराना। इसके बाद दिए गए पैसे को लेकर राजेश के साथ भाग जाना।

वारदात का तरीका

आरोपी सबसे पहले कियोस्क मनी ट्रांसफर सेंटर की तलाश करते हैं। फिर दोनों दुकान के अंदर जाकर देखते हैं। एक व्यक्ति वापस आकर अपनी गाड़ी पर बैठ जाता है और एक दुकान के अंदर पैसे ट्रांसफर कराता है। पैसे ट्रांसफर होने के बाद आरोपी दुकान वाले का ध्यान भटकाने के लिए मोबाइल पर बात करने लगता है। इसी बीच आरोपी भाग निकलते हैं। आरोपी राजेश नागवानी पूर्व में भोपाल मे सट्टा खिलाता था आरोपी राजेश के भोपाल में कई स्थाई वारंट पेंडिंग हैं।