पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61305.950.94 %
  • NIFTY18338.550.97 %
  • GOLD(MCX 10 GM)478990 %
  • SILVER(MCX 1 KG)629570 %
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • 39 Districts Of MP Are Backward In Education, More Than 91 Percent In Rajasthan; The Condition Of These Two States Is Worse Than That Of UP, Bihar And Gujarat.

सरकारी रिपोर्ट:मप्र के 39 जिले पढ़ाई में पिछड़े, राजस्थान में 91 फीसदी से ज्यादा; इन दोनों राज्यों की स्थिति उप्र, बिहार और गुजरात से भी खराब

भोपालएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति में बहुत धीमा सुधार हो रहा है। हालात यह है कि 52 में से 39 जिले ऐसे हैं, जो उच्च शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े हैं। - Money Bhaskar
प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति में बहुत धीमा सुधार हो रहा है। हालात यह है कि 52 में से 39 जिले ऐसे हैं, जो उच्च शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े हैं।

प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति में बहुत धीमा सुधार हो रहा है। हालात यह है कि 52 में से 39 जिले ऐसे हैं, जो उच्च शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े हैं। इस पैमाने पर सिर्फ राजस्थान में मप्र से बुरी हालत है। वहां शैक्षिक रूप से 91% जिले पिछड़े हुए हैं। महारष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, उप्र, बिहार आदि राज्यों की स्थिति राजस्थान और मप्र से बेहतर है।

बता दें कि जिलों की शैक्षिक स्थिति का आकलन ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो (जीईआर), प्रति कॉलेज औसत एनरोलमेंट, कॉलेज-जनसंख्या अनुपात आदि पैमानों के आधार पर होता है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण जीईआर है, जो मप्र में अब भी लगभग 23 फीसदी है। इसे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

पिछड़ने की वजह...जीईआर 3.2%
मप्र के एक विवि के कुलपति ने बताया कि मप्र का जीईआर 23 फीसदी है जबकि देश का 27.8 प्रतिशत है। यानी मप्र देश के जीईआर से भी पीछे चल रहा है। यही वजह है कि यह शैक्षिक रूप से पिछड़ा हुआ है। यहां कालेजों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम है। गौरतलब है कि जीईआर को बढ़ाने के लिए यूजीसी ने भी स्वयं सहित अन्य कदम उठाए हैं। मप्र में भी नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं ताकि जीईआर में बढ़ोतरी हो सके। सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए गए हैं।

प्रदेश का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो 23%, देश का 27.8%

इनका शिक्षा का स्तर सबसे नीचे
बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, भिंड, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, देवास, धार, डिंडोरी, पूर्वी निमाड़, गुना, हरदा, झाबुआ, कटनी, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सागर, सतना, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, सीधी, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा, पश्चिम निमाड़।

खबरें और भी हैं...