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गांजे के 18 हॉटस्पॉट:2 साल पहले जहां पुलिस ने की थी सर्जिकल स्ट्राइक, भोपाल का वही इतवारा नशे की सबसे बड़ी मंडी

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: विशाल त्रिपाठी
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भोपाल में गांजे के कारोबार के 18 हॉटस्पॉट हैं, इनमें इतवारा सबसे बड़ी मंडी है। - Money Bhaskar
भोपाल में गांजे के कारोबार के 18 हॉटस्पॉट हैं, इनमें इतवारा सबसे बड़ी मंडी है।

भोपाल में ओडिशा और आंध्र प्रदेश का गांजा धड़ल्ले से बिक रहा है। यहां गांजे के कारोबार के 18 हॉटस्पॉट हैं, इनमें इतवारा सबसे बड़ी मंडी है। यहां कई बार युवक घूमते हुए गांजा बेचते नजर आ जाते हैं। पुलिस जब पहुंचती हैं तो घर की महिलाएं हुज्जत करने लगती हैं। इस कारण कई बार पुलिस यहां कार्रवाई से बचती है।

नारियलखेड़ा और छोला दशहरा मैदान के पीछे भी गांजे का बड़ा कारोबार होता है। इस कारोबार में बहुत सी महिलाएं भी शामिल हैं। इस साल 15 सितंबर तक भोपाल पुलिस ने एनडीपीएस के 39 केस दर्ज किए, जिनमें 63 तस्करों को गिरफ्तार कर 549.73 किग्रा गांजा जब्त किया गया है। एक अगस्त 2019 की रात इतवारा में भोपाल पुलिस ने नशे पर अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इतवारा के दो मोहल्लों में 250 पुलिसवालों ने रात 3:30 बजे एक साथ दी दबिश और 31 लोगों को गिरफ्तार किया था। स्ट्राइकिंग और एलओ प्लान दो दिन पहले तैयार कर लिया गया था। यहां पुलिस को टाइल्स के नीचे गड्ढे और अलमारी में कपड़ों के बीच छिपाए गए गांजे के पैकेट मिले थे।

और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ 5 किलो गांजा जब्त
पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई के नाम पर सिर्फ 5 किलो गांजा जब्त किया है। क्राइम ब्रांच ने इतवारा क्षेत्र से विशाल कुचबंदिया को गिरफ्तार कर 5 किग्रा गांजा जब्त किया है। वह एनडीपीएस के एक मामले में दो महीने पहले ही जेल से छूटा है। ऐसे ही क्राइम ब्रांच ने गौतम नगर थाने में दर्ज एनडीपीएस के मामले में फरार चल रहे सावन कुमार को भी गिरफ्तार किया है। उस पर तीन हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस को उसकी वर्ष 2020 से तलाश थी।

ब्लैक ड्रग यानी अफीम की खपत ज्यादा
ब्लैक ड्रग यानी ओपियम (अफीम) से बनी ड्रग। स्मैक, ब्राउन शुगर और गांजा जैसे नशे ब्लैक ड्रग में शुमार हैं। यह छोटे-छोटे घरों में आसानी से मिलने वाले 3-4 तरह के कैमिकल मिलाकर तैयार हो जाती है। कीमत कम रहती है, इसलिए राजधानी समेत प्रदेश के हर जिले में खपत ज्यादा है।

  • स्मैक : पुराने भोपाल का सबसे प्रचलित ड्रग। नीमच-मंदसौर से आता था, लेकिन फिलहाल मैनपुरी-जालौन से आवक है। कीमत 500 रुपए प्रतिग्राम।
  • गांजा : सबसे सस्ता, इसलिए महीनेभर में एक क्विंटल तक खपत। उड़ीसा-छत्तीसगढ़ से ट्रेन के जरिए बड़ी सप्लाई। सूखी घास के रंग का।
  • ब्राउन शुगर : दानेदार रहता है, पन्नी के पीछे रखकर स्मोक किया जाता है। देश में पाकिस्तान और पंजाब से ज्यादा सप्लाई। राजस्थान, मंदसौर-नीमच, भिंड-मुरैना से आवक।

तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही
पुलिस मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। कई बार कुछ सौदागर बच्चों और महिलाओं को आगे कर कारोबार करवा रहे हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों को पहले पकड़ा भी है। कुछ नए लोगों को चिह्नित कर रहे हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा।
-गोपाल धाकड़, एएसपी क्राइम ब्रांच