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छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार:मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर MP के 15 छात्रों से ठगी, अब तक 34 शिकायत

भोपाल2 महीने पहले
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डीएसपी केतन अडलक। - Money Bhaskar
डीएसपी केतन अडलक।

देशभर के 14 बड़े मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के नाम पर छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को भोपाल एसटीएफ ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने उसके साथी को भी दबोचा है। सरगना छात्रों से ठगी करने के लिए कर्नाटक एजुकेशन कंसल्टेंसी, कर्तविती सर्विसेज नाम से फर्म खोल रखा था। जांच एजेंसी के पास अब तक देशभर के 34 छात्र शिकायत कर चुके हैं। इसमें मध्य प्रदेश के 15 स्टूडेंट हैं। एसटीएफ का कहना है कि 200 से अधिक छात्रों से गिरोह ने ठगी की है। अधिकतर छात्र शिकायत करने से बच रहे हैं। गिरोह एमसीआई, सेंट्रल पूल कोटे से दाखिला दिलाने का झांसा देता था। सौदा तय होने के बाद छात्रों को दिल्ली बुलाकर उनसे एमसीआई, सेंट्रल पूल कोटे का फर्जी फार्म भरवाते थे। इसके बाद एमसीआई का फर्जी मैसेज भेज छात्र को बताते थे तुम्हारा दाखिला हो गया है।

एसटीएफ डीएसपी केतन अडलक ने बताया कि उर्जा नगर दानापुर, बिहार निवासी कृष्णकांत शर्मा उर्फ केके के साथ अपराध में उसका सहयोग करने वाले आगरा निवासी अजीत प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया है। केके गिरोह का सरगना है। केके का पूर्व आपराधिक रिकार्ड है। वह कर्नाटक में केके गौड़ा बनकर ठगी करता था। जांच एजेंसी इससे पहले इसी गिरोह के सदस्य संदीप करवरिया और दीपक कुमार को गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने पूछताछ में कृष्ण कांत का नाम उगला था। तब से पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी।

1.60 करोड़ कमीशन लेकर कराए एडमिशन

जांच में सामने आया कि सरगना केके मेडिकल यूजी, पीजी कोर्सों में एक छात्र से डेढ-डेढ़ करोड़ रुपए कमीशन लेकर मैनेजमेंट कोटे से दाखिला कराए हैं। ऐसे 15 छात्र कमीशन देकर दाखिला पा चुके हैं। इनमें लगा मंगेशकर मेडिकल कॉलेज नागपुर, किम्स मेडिकल कालेज बेंगलुरू, दत्तामेघे मेडिकल कालेज नागपुर, समेत अन्य मेडिकल कालेज शामिल हैं। जिन्होंने केके के कहने पर दाखिला दिया है। पुलिस इन कालेजों के पदाधिकारियों से पूछताछ करेगी।

बेवसाइट से खरीदा छात्रों का डाटा

गिरोह का सरगना केके छात्रों की डिटेल रखने वाली वेबसाइट से डाटा खरीदता है। इसके बाद गिरोह के सदस्य छात्रों से दाखिला कराने के लिए संपर्क करते हैं। गिरोह छात्रों से संपर्क करने के लिए दिल्ली में काल सेंटर खोल रखा था। ये लोग 2013 से इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। अब तक मप्र, उप्र, महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, झारखंड और दिल्ली के उम्मीदवारों को ठगा है। वे हर छात्र से 80% रकम कैश लेते थे। छात्रों को झांसे में लेने के लिए वे मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नाम से बल्क मैसेज भेजते थे।

रीवा के प्रतीक से लिए थे 36 लाख रु.

ये कार्रवाई रीवा के विवेक मिश्रा की शिकायत पर हुई है। नीट दे चुके विवेक के बेटे प्रतीक को संदीप ने कॅरियर गाइड बनकर कॉल किया था। उसने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में प्रतीक का दाखिला दिलाने के नाम पर विवेक से 36 लाख (32 लाख कैश) रुपए लिए थे। दावा था कि एमसीआई के सेंट्रल पूल कोटे से प्रतीक का दाखिला करवा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इन कॉलेजों में दाखिले का झांसा

भोपाल के बंसल, भाभा, राधारमन, आईईएस, एलएनसीटी, आरकेडीएफ और पीपुल्स इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावा पीपुल्स मेडिकल, आरकेडीएफ मेडिकल, एलएन मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर ठगी की गई। ऐसे ही कीम्स मेडिकल कॉलेज बेंगलुरू, सुभैया मेडिकल कर्नाटक, आईपीजीएमआर मेडिकल कोलकाता, लोकमान्य तिलक मेडिकल कॉलेज मुंबई में एमबीबीएस, बीडीएस और बीएएमएस में दाखिले के लिए लाखों रुपए लिए गए।

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