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राजधानी में गूंज रही दहाड़:वन विहार में रहते हैं 13 बाघ-बाघिन... 7 ऐसे जिन्होंने इंसानों पर हमला किया ताे उन्हें जंगल से यहां ले आए

भोपालएक वर्ष पहले
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वन विहार नेशनल पार्क में अभी 13 बाघ हैं। - Money Bhaskar
वन विहार नेशनल पार्क में अभी 13 बाघ हैं।

वन विहार नेशनल पार्क में अभी 13 बाघ हैं। इनमें सबसे यंगेस्ट है बाघिन बंधनी और सबसे बुजुर्ग है गौरी। इनमें बाघ शौर्य, सत्तू, शरण, बंधु, बांधव और बाघिन मचमची मटक्कली तो ऐसे हैं, जिन्होंने इंसानों को नहीं बख्शा। इसलिए इन्हें जंगल की बजाय वन विहार के बाड़े में जिंदगी गुजर बसर करना पड़ रही है। यहां हर बाघ का अपना मिजाज है। मटक्कली को पर्यटक पसंद हैं तो 13 साल की बाघिन गंगा का मिजाज शांत है। 9 साल का पन्ना शर्माता बहुत है। ऐसे ही अन्य बाघ- बाघिन के भी अपने रंग-ढंग हैं।

मैं हूं यंगेस्ट... बाघिन बंधनी

उम्र 4 साल- यह वन विहार की सबसे यंगेस्ट बाघिन है। बंधनी को पर्यटकों से घुलना मिलना पसंद है। इसे बांधवगढ़ नेशनल पार्क से 2019 में यहां लाया गया था। इसके भाई बाघ बंधन को भी लाया गया था। शारीरिक रूप से कमजाेर दोनों शावकों को मां ने अकेले छोड़ दिया था।

बाघिन : गौरी... मैं सबसे बुजुर्ग

उम्र 16 साल- यह बाघिन वन विहार में सबसे बुजुर्ग है। खाना खाकर कुछ देर बाड़े में टहलती है। पानी भी खूब पसंद है। बारिश में भी अपने सॉसर में बैठी रहती है। इस बाघिन को जयपुर चिड़ियाघर से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 2013 में वन विहार लाया गया। इसे ब्रीडिंग प्रोग्राम में शामिल किया था, लेकिन कान्हा बाघ की मौत हो जाने के कारण यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।

बाघ : शौर्य...मुझे भागना पसंद है

उम्र 5 साल - यह अक्सर बाड़े से भागने की कोशिश करता है। हरदा के केलझिरी में इस बाघ ने 9 जनवरी 2021 एक व्यक्ति को मार दिया था। इसे सतपुड़ा नेशनल पार्क की टीम ने यहां भेजा था। यहां से इसे सतपुड़ा नेशनल पार्क भेज दिया। यहां इसने भागने की कोशिश में 4 केनाइन दांत तोड़ लिए। इस साल मई में फिर वन विहार भेजा गया।

बाघ : बांधव...मुझे गुस्सा आता है

उम्र 13 साल - कोई इसके बाड़े के नजदीक से भी गुजरता है तो यह दहाड़ने लगता है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इंसानों पर हमला करने के बाद बांधव को 2018 में वन विहार में शिफ्ट किया गया था। इसे पहले बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बरेहड़ा बाड़े में रखा गया था। इसे वन विहार भेजे जाने का तब काफी विरोध हुआ था।

बाघिन : रिद्धि...मेरा रंग है गोरा

उम्र 10 साल- इसे शोर-शराबा ज्यादा पसंद नहीं है। जब ज्यादा पर्यटक होते है तो यह बांस के झुरमुट में या गुफा में चली जाती है। वन विहार में एक ही सफेद बाघिन है। इसे इंदौर चिड़ियाघर से इसकी बहन पट्‌टू के साथ 2014 में यहां लाया गया था। इसकी बहन पट्‌टू को मुकुंदपुर सफारी के लिए भेज दिया गया।

यह भी खास..भोपाल के आसपास के जंगल भी बाघों की पहली पसंद है...

भोपाल के आसपास के जंगलों में करीब 18 बाघ-बाघिन का मूवमेंट है। इसके अलावा रातापानी में 45 बाघ-बाघिन का मूवमेंट है। 2022 में एक बार फिर बाघों की गणना शुरू होगी। इस बार फिर उम्मीद की जा रही है कि इनकी संख्या बढ़कर 700 से अधिक हो जाएगी। इसकी खास वजह यह है कि टाइगर रिजर्व और सेंचुरी के अलावा असंरक्षित क्षेत्र में भी बाघों का मूवमेंट देखा जा रहा है।

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