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खाद के लिए ऐसी लाइन नहीं देखी होगी:गुना में कई सोसाइटी पर बुधवार तक नहीं पहुंचा खाद; 3 दिन का इंतजार

गुना3 महीने पहले
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बमोरी के बाघेरी में टोकन के लिए लगी लाइन।

ग्वालियर-चंबल में खाद की दिक्कत कम नहीं हो रही है। गुना जिले में भी रबी की फसल के लिए खाद की मारामारी शुरू हो गयी है। खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइन लगी हुई हैं। 3-3 दिन केंद्रों पर डेरा डालने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। केंद्रों पर किसान जमीन की किताबों को लाइन में रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रशासन का दावा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। केंद्रों पर खाद भिजवाया जा रहा है। 86 सोसाइटी में से 40 सोसाइटी तय की गई हैं, जहां खाद भिजवाया जा रहा है।

मारामारी के हालात बनने के पीछे एक कारण पोस्ट मानसून की बारिश होने भी है। जिस खाद की जरूरत किसानों को 15 दिन बाद पड़नी थी, वह बारिश होने की वजह से पहले ही खाद की आवश्यकता हो गयी। बारिश न होने की स्थिति में किसानों को खेतों में पहले दौर की सिंचाई करनी पड़ती, उसके बाद ही बोवनी हो पाती है। सिंचाई में 8-10 दिन का समय लगता है। उसके बाद बतर आने पर बोवनी शुरू हो पाती है। लेकिन बारिश होने के कारण खेतों में बतर(नमी) आ गयी और खेत बोवनी के लिए तैयार हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने जिले के तीन खाद वितरण केंद्रों पर पहुंचकर वहां का जायजा लिया।

नानाखेड़ी डबल लॉक

यह जिले का सबसे बड़ा खाद वितरण केंद्र है। बुधवार को यहां जब टीम पहुंची, तो 300 से ज्यादा किसान लाइन में लगे हुए थे। कई महिलाएं भी खाद लेने पहुंची थी। 40 किमी दूर तक के किसान इस केंद्र पर पहुंच गए थे। यहां दो काउंटर बनाये गए हैं। एक पर टोकन दिया जा रहा है तो दूसरे पर खाद की पर्ची बनाई जा रही है। झागर से आये किसान रमेश ओझा ने बताया कि वह तीन दिन से लगातार खाद लेने आ रहा है, लेकिन उसे खाद नहीं मिल पाया है। उनके इलाके में स्थित सोसाइटी पर खाद नहीं पहुंचा है, इसलिए यहां खाद लेने आना पड़ रहा है। इसी तरह के हालात अन्य किसानों के हैं।

चकदेवपुर सोसाइटी

बुधवार शाम 5 बजे तक इस केंद्र पर खाद नहीं पहुंचा था। सोसाइटी के गोदाम में सफाई की जा रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि अभी खाद नहीं आया है। उन्हें खाद के लिए गुना जाना पड़ रहा है। इससे अतिरिक्त भार उन पर पड़ रहा है। पहले ही अतिवृष्टि में फसल बर्बाद हो गयी है। लागत तक नहीं निकल पाई है। अब जब खाद की सबसे ज्यादा आवश्यकता है, टैब भी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सोसाइटी के चौकीदार ने बताया कि खाद आने वाला है। देर शाम तक खाद पहुंचने की संभावना है। गुरुवार से खाद वितरण शुरू हो सकता है।

चकदेवपुर सोसाइटी पर बुधवार तक खाद नहीं पहुंचा था।
चकदेवपुर सोसाइटी पर बुधवार तक खाद नहीं पहुंचा था।

बाघेरी डबल लॉक

बमोरी इलाके का यह सबसे बड़ा केंद्र है। यहीं पर बमोरी इलाके के खाद का भंडारण और वितरण होता है। सोसाइटी पर भी यहीं से खाद भेजा जाता है। दैनिक भास्कर की टीम जब यहां पहुंची, तो 250 किसान लाइन में लगे हुए थे। 4 बजे ही काउंटर बंद कर दिया गया था। इसके पीछे कारण यह बताया गया कि दो दिन से बिजली नहीं आ रही है, इस वजह से POS मशीन बंद हो गयी है। उसकी बैटरी चार्ज नहीं हो पा रही है। थोड़ी देर के लिए बिजली आयी थी तो बैटरी चार्ज हुई। जितनी देर बैटरी चली, उतनी देर वितरण किया गया। काउंटर बंद होने से किसान हंगामा करते नजर आए। उनका कहना है कि जब 50 लोगों को टोकन दिए गए, तो बिना सबको वितरण किये काउंटर क्यों बंद कर दिया गया।

शनिवार तक के बांट दिए गए टोकन

खाद की आवश्यकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस केंद्र पर आने वाले शनिवार तक के टोकन बांट दिए गए हैं। प्रतिदिन 50 किसानों के लिए टोकन बांटे गए हैं। केंद्र पर दूसरी तरफ किसान टोकन के लिए लाइन में लगे हुए दिखे। ज्यादा भीड़ होने से किसानों ने अपनी जमीन की किताबों को ही लाइन में रख दिया। वे टोकन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। रामनगर से आये किसान गौरीशंकर ने बताया कि वे सुबह 5 बजे से टोकन के लिए लाइन में लगे हैं, लेकिन उन्हें टोकन मिल पायेगा इसकी उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है।