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परिवार का इकलौता चिराग बुझा:पुलिस आरक्षक भर्ती की 800 मीटर दौड़ में हुआ शामिल, सांस लेने में हुई परेशानी, निजी अस्पताल में हुई मौत

बालाघाटएक महीने पहले
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जबलपुर स्थित एसएएफ बटालियन में चल रही पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए दौड़ में शामिल लांजी के गांव सावरी खुर्द निवासी इंद्रकुमार पिता धेड़ूलाल लिल्हारे (29) ने जबलपुर के निजी अस्पताल में गुरुवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक परिवार में इकलौता पुत्र था।

मृतक इंद्रकुमार की 800 मीटर दौड़ लगाते समय अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इंद्रकुमार को रांझी अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां से एक निजी अस्पताल लाया गया, यहां उनकी मौत हो गई। गुरुवार को मृतक का शव उसके गांव लाया गया। देर शाम स्थानीय मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया गया।

लोको पायलट की परीक्षा देकर जबलपुर पहुंचा था इंद्रकुमार

इंद्रकुमार की मौत पर बिलखता परिवार
इंद्रकुमार की मौत पर बिलखता परिवार

इंद्रकुमार रायपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहा था। पिछले रविवार को वह रायपुर से वारंगल हैदराबाद रेलवे लोको पायलट की लिखित परीक्षा देने गया था। वहां से वह सीधे ट्रेन से जबलपुर पहुंचा, लेकिन दौड़ के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ग्राम पूर्वाटोला में पंचायत सचिव हैं। परिवार में मां ताराबाई, बड़ी बहन अनिता बल्हारे और छोटी बहन संगीता नगपुरे है। इंद्रकुमार अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था।

टूट गए सपने, बेसुध हुआ परिवार

गुरुवार को जब पुलिस लाइन जबलपुर की एंबुलेंस से इंद्रकुमार का शव लाया गया। शव को देख परिवार में चीख-पुकार मच गई। पूरा परिवार बेसुध, बदहवास था। आसपास के गांवों से आए ग्रामीणों की आंखें नम थीं। बताया गया कि इंद्रकुमार पुलिस में भर्ती होना चाहता था। इसके लिए वह लगन के साथ तैयारी कर रहा था, लेकिन पलभर में सारे सपने टूट गए।

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