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भाजपा का हमला:कांग्रेस के कारण पिछड़ा वर्ग आरक्षण से वंचित, कांग्रेस ने याचिकाएं लगाकर चुनाव रुकवाए

बालाघाट2 महीने पहले
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सुप्रीम कोर्ट के बिना ओबीसी आरक्षण के नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने के फैसले से भाजपा में खलबली है। प्रदेश सरकार कोर्ट के पारित आदेश में संशोधन का आवेदन दायर कर ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का आग्रह करने की तैयारी में है।

शुक्रवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए बालाघाट विधायक और मप्र अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष गौरी शंकर बिसेन ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि बिना ओबीसी आरक्षण के नगरीय व पंचायत चुनाव कराए जाने की वर्तमान परिस्थिति कांग्रेस के कारण निर्मित हुई है। मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव प्रक्रिया चल रही थी।

सरकार के ओर से इसके अंतर्गत वार्ड परिसीमन, वार्डों का आरक्षण, महापौर और अध्यक्ष का आरक्षण, मतदाता सूची तैयार करना आदि समस्त तैयारियां भी कर ली गई थी, लेकिन कांग्रेस इसके विरुद्ध हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गई। जिससे होने वाले चुनाव प्रभावित हुए और बड़ा व्यवधान उत्पन्न हुआ। इस दौरान आयुष राज्यमंत्री राम किशोर कावरे और भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश भटेरे भी मौजूद रहे।

ओबीसी हितों को कुचलना चाहती है कांग्रेस

गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि कांग्रेस ने अपने याचिका कर्ताओं मनमोहन नागर, जय ठाकुर और सैयद जाफर के माध्यम से कोर्ट में प्रकरण दाखिल किया। इस तरह न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझाकर ओबीसी हितों को कुचलने का काम किया गया है।

भाजपा सरकार तथा संगठन हमेशा से नगरीय ग्रामीण निकायों के चुनाव का पक्षधर रहा है। नगरी निकाय के चुनाव प्रमुख रूप से नवंबर 2019 को होना निर्धारित थे, लेकिन उस समय कांग्रेस सरकार के ओर से चुनाव नहीं कराए गए।

कांग्रेस चुनाव कराने से हमेशा डरती है, क्योंकि उनको ये पता है कि उनका जनाधार पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। जिस प्रकार विधानसभा उपचुनाव में उनकी हार हुई थी, उसी प्रकार निकाय चुनाव में भी बुरी तरह हारेंगे।

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